बुखार का कहर: 20 और लोगों की जान गई
म्याऊ, जगत, उझानी, सालारपुर और वजीरगंज क्षेत्र में हुई मौतें
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में बुखार का कहर लगातार जारी है। पिछले 24 घंटों में 20 और लोगों की मौत हो गई।
उसावां। म्याऊ ब्लाक क्षेत्र के ग्राम लभारी में बुखार से तीन लोगों की मौत हो गई। आधार सिंह (65), झब्बू सिंह (62) और भूरे (35) पुत्र हवलदार कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। गुरुवार को तीनों ने कुछ समय के अंतराल से दम तोड़ दिया।
गुलड़िया। सालारपुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम ब्योर निवासी गर्भवती शुकलादेवी (42) पत्नी राजेंद्र वर्मा की गुरुवार सुबह करीब आठ बजे मौत हो गई। जबकि समरेर ब्लाक के ग्राम महरौली निवासी नरेश ठाकुर (48) ने गुरुवार दम तोड़ दिया।
उझानी। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम मानकपुर निवासी हनीफ (45), नगर के नझियाई मोहल्ला निवासी आरती (13) पुत्री दिनेश कश्यप और ग्राम छतुईया निवासी नीलम (20) पत्नी कौशल की बुखार के चलते बुधवार रात मौत हो गई।
मूसाझाग। संवेदनशील ब्लाक जगत क्षेत्र के ग्राम मूसाझाग निवासी अंकित (5) पुत्र धनपाल गुरुवार दोपहर अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। उसे दो दिन पहले बुखार आया था। वहीं ग्राम मर्रई निवासी श्रीकांत (5) पुत्र रामवीर और इसी गांव की जगता देवी (3) पुत्री नेम सिंह की गुरुवार सुबह बुखार से मौत हो गई।
ओरछी। आसफपुर ब्लाक क्षेत्र में भी बुखार से मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा है। गुरुवार सुबह ग्राम परमानंदपुर निवासी ओमवती (60) पत्नी राधेश्याम की बुखार से मौत हो गई।
वजीरगंज। नगर से सटे हथरा गांव में आबिद (66) और खुर्शीद खान (63) कई दिन से बुखार से पीड़ित चल रहे थे। दोनों का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार सुबह दोनों की मौत हो गई।
कुंवरगांव। गुरुवार को सालारपुर ब्लाक क्षेत्र के अलग-अलग गांव में छह लोगों की मौत हो गई। फरीदपुर चकोलर निवासी रामचरन (60) और किशनलाल (50) की बुखार से मौत हो गई। वहीं ग्राम पनौटा निवासी कलावती (60) पत्नी डोरीलाल और इसी गांव के राजकुमार (17) पुत्र सरनाम की गुरुवार सुबह बुखार से मौत हो गयी। इधर, कैली निवासी राजकुमार (31) पुत्र प्रेमपाल सिंह और ग्राम इमलिया निवासी अनोखे (62) ने गुरुवार दोपहर दम तोड़ दिया।
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बीधानगला पहुंची डॉक्टरों की टीम
दबतोरी। आसफपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव बीधानगला में बुखार कंट्रोल करने के लिए गुरुवार सुबह डॉक्टरों की टीम पहुंची। बुखार से पीड़ित सैकड़ों लोगों को दवाइयां बांटी। उनके ब्लड सैंपल भी लिए। इस गांव में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हाल भगवान भरोसे हैं। यहां न तो कोई डॉक्टर है और न ही कोई बंदोबस्त है। सिलेंडर में ऑक्सीजन तक नहीं है। यूनानी चिकित्सक जहीर के नेतृत्व में टीम ने कैंप लगाया। वहीं ग्रामवासी मुकेश कुमार कठेरिया ने टीम पर खानापूर्ति का आरोप लगाया है।