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आंधी संग बूंदाबांदी से आम टपके, उड़ गई गेहूं की पूलियां

Mon, 30 Apr 2018 07:53 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
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रविवार देर रात आंधी और सोमवार तड़के बूंदाबांदी ने कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल बना दिया। मक्का और मैंथा की फसल पर हरियाली लौट आई। साथ ही सब्जी, फसलों और पालेज को भी फायदा मिला लेकिन गेहूं और आम को नुकसान का सामना करना पड़ा। गेहूं की फसल करीब 15 फीसदी हिस्से में ही बची है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की पूलियां आंधी की चपेट में आकर पड़ोसी खेतों में पड़ी मिलीं। टहनियों के आपस में टकराने के बाद पेड़ों से आम टपक गए। बेमौसम आफत बनकर आई आंधी से उझानी के पश्चिमी छोर, कादरचौक, उसहैत और उसावां क्षेत्र में नुकसान हुआ है लेकिन नुकसान ऐसा भी नहीं जो गेहूं और आम उत्पादकों पर ज्यादा भारी पड़े। आम और गेहूं उत्पादक सुबह खेतों पर पहुंचे तो उन्हें उनके अरमान आंधी में उड़े नजर आए। गेहूं की पूलियां उड़कर पड़ोसी खेतों में पड़ी मिलीं लेकिन तड़के हल्की बूंदाबांदी की वजह से नम जरूर हो र्गइं। गेहूं की थ्रेसिंग का काम भी दोपहर तक प्रभावित रहा। दोपहर में तेज धूप के बाद नमी भी खत्म हो गई। बागों में पेड़ों से टपके अधकच्चे आम जमीन पर गिर गए। नेमचंद्र का कहना है कि आम को करीब 10-15 फीसदी नुकसान हुआ है।
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इसके विपरीत मैंथा और मक्का समेत सब्जी की फसलों को बूंदाबांदी की वजह से फायदा रहा। अगेती मक्का की फसल तो बूंदे पड़ते ही लहलहा उठीं। पालेज में तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी के लिए बूंदाबांदी फायदेमंद रही। बूंदाबांदी ज्यादा नहीं हुई लेकिन तेजी पकड़ लेती तो सब्जी फसलों, पालेज और अगेती मक्का की एक सिंचाई का काम चल जाता। खेती के लिहाज से मौसम के जानकारों का कहना है कि आसमान अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में आंधी के साथ बूंदाबांदी फिर कब शुरू हो जाए, इसका तो नहीं पता लेकिन सात-आठ दिन मौसम साफ रहा तो गेहूं की पूरी फसल किसानों के घर में होगी।

इस बार बौर पर नहीं रहा कीट का प्रकोप
उझानी। आम के लिए इस बार मौसम का पूरा साथ मिला। बौर आने के दिनों में तापमान भी ठीकठाक रहा। बौर पर कीट का प्रकोप भी नहीं हो पाया। यह वजह है कि आम के पेड़ों पर फल भी बहुतायत में लदा है। इलाके में आम की फल पहुंचने में अभी थोड़ा समय और लगेगा लेकिन आने वाले दिनों में आंधी नहीं आई तो पैदावार बंपर होने के संकेत मिल रहे हैं। इलाके में दशहरी आम के कई बाग हैं।
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रविवार रात आंधी और तड़के बूंदाबांदी का प्रभाव कोई ज्यादा नहीं था। आसपास इलाके में तो कोई नुकसान भी नहीं हुआ है। जिन स्थानों पर प्रकोप अधिक रहा, वहां नुकसान हुआ है। मौसम का मिजाज कब बिगड़ जाए, यह भी अभी नहीं कहा जा सकता। - डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक
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