बदायूं।
पशुपालन विभाग में डॉक्टरों की कमी चल रही है। ऐसे में पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरन पशुपालकों को प्राइवेट डॉक्टरों को दिखाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जिले में स्थित पशु अस्पताल में से उघैती, बगैरन, मुड़िया धुरेकी, मझरा में डॉक्टरों का अभाव है। इस वजह से यहां पर अधिकतर समय ताला लगा रहता है। पशुपालन विभाग के पास 22 डॉक्टर है। इनमें से भी एक सीवीओ और दो डिप्टी सीवीओ हैं। जबकि जिलेभर में 26 पशु अस्पताल हैं। बंद पड़े चार अस्पतालों में से करीब 40 से 50 गांव जुड़े हुए है। इन गांवों के पशुपालकों के पशुओं के इलाज के लिए अधिक्तर प्राइवेट डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ता है। सीवीओ डॉ. दिनेश कुमार ने बताया इन जगहों पर डॉक्टरों की कमी है। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उघैती में इस्लामनगर, बगैरन में वजीरगंज, मुड़िया धुरेकी में आसफपुर और मझरा में समरेर के डॉक्टर को तैनात किया गया है। वह हफ्ते में दो से तीन दिन वहां पर तैनात रहेंगे।