उझानी (बदायूं)।
कछला से जल भरकर निकल रहे कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे किनारे रखे ट्रांसफार्मरों को अफसरों ने कवर करवा दिया लेकिन मामला बिजली अफसरों तक पहुंचा तो इसे कांवड़ियों की सुरक्षा में गहरी चूक मान लिया गया। विद्युत सुरक्षा अनुभाग के अवर अभियंता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने के बाद कहा कि कवर डालने से कांवड़िये इसे शौचालय समझकर अंदर पहुंच सकते हैं। ऐसे में, कवर की वजह से इसमें स्पार्किंग का भी पता नहीं लग पाएगा। इसके बाद कवर हटा दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े हर बिंदु पर गौर किया गया था। कांवड़ियों की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं हों, इसलिए कांवड़ियों से जुडे रूट और उसके नजदीक से मांस की दुकानों को भी हटवा दिया गया। बदायूं जिले की सीमा में कछला से लेकर बिनावर के आगे तक हाईवे के किनारे रखे ट्रांसफार्मरों को त्रिपाल या कनातों से ढकवा दिया गया। ट्रांसफार्मरों को ढकवाने का काम कछला में नगर पंचायत प्रशासन और यहां नगर पालिका के कर्मचारियों ने अपनी देखरेख में करवाया।
ट्रांसफार्मरों को ढके जाने की जानकारी पर विद्युत सुरक्षा अनुभाग की टीम अवर अभियंता के साथ हाईवे पर पहुंची तो उन्हें कांवड़ियों की सुरक्षा में भारी चूक नजर आई। एसडीओ सीबी लाल ने बताया कि विद्युत सुरक्षा यूनिट को लगा कि रंग-बिरंगी कनात लगी होने की वजह से कांवड़िये उसे शौचालय समझ सकते थे और हादसे का शिकार हो सकते थे। इसी के चलते बिजली कर्मियों ने शुक्रवार को सभी ट्रांसफार्मरों के आसपास से कवर हटवा दिए।
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कांवड़िये पहुंचने लगे कछला
उझानी। सावन महीने के दूसरे सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए निकले कांवड़ियों से शुक्रवार को बाजार गुलजार रहा। तड़के उन्होंने गंगा स्नान किया। कांवड़ पूजन के दौरान घाट पर बम-बम भोले की धूम रही। पूरे दिन हाईवे से होकर करीब पांच दर्जन टोलियां गुजरीं। अधिकतर टोलियों में सौ से अधिक शिवभक्त शामिल थे। बृहस्पतिवार रात में भी कवंड़ियों के निकलने का दौर जारी रहा। इस दौरान कछला से लेकर बदायूं तक हाईवे पर पुलिस का पहरा रहा।