बदायूं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की आईडी हैक कर धनुपुरा में 732 प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। इसके बाद में सचिव मनोज कुमार ने कादरचौक थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी है। सचिव की तरफ से 19 अगस्त तक केवल 14 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए थे। उसके बाद से अब तक 732 प्रमाणपत्र और जारी कर दिए गए हैं।
जिले में सबसे ज्यादा 19,000 जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र उसावां के हजारा में बनाए गए हैं, जबकि उसके बाद में उझानी के फुलारी गांव में 7,000 से ज्यादा प्रमाणपत्र बनाए गए हैं। वहीं दातागंज के सैजनी में 5,000 से ज्यादा प्रमाणपत्र बनाए जा चुके हैं। वहीं इस कड़ी में कादरचौक का गांव धनुपुरा भी शामिल हो गया है।
वहां पर तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ब्लॉक कादरचौक क्षेत्र वर्ष 2025-26 में उनके द्वारा केवल 14 ही प्रमाणपत्र बनाए गए हैं, जिसका डाटा उनके पास मौजूद है, जबकि उनकी आईडी हैक करके 732 जन्म-मृत्यु प्रमाण किसी ने जारी कर दिए हैं। इसकी जानकारी होने पर ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। साथ ही कादरचौक थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी है।
जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र की सीएमओ करेंगे जांच
जिले में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। शासन ने इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। इसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले की जांच कराई जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित टीम जिलेभर की सभी आईडी की जांच करेंगे। इसकी कमान खुद सीएमओ ने संभाली है। तीन सदस्यीय टीम में सीएमओ, डिप्टी सीएमओ और पटल सहायक है।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से बनाए जाने के मामले सामने आ रहे है। इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी जांच मेें दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ.रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ