बीत गया साल, शहर का बुरा हाल
न अतिक्रमण हटा, न सड़कें बनीं, गंदगी कायम, नाले-नालियां चोक कब खत्म होगा शहर वासियों को अच्छे दिनों के आने का इंतजार अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। अच्छे दिन लाने का वायदा करके भाजपा सत्ता में आई थी। केंद्र के बाद प्रदेश और फिर नगर पालिका में भाजपा सत्ता पर काबिज हुई। तब लोगों को लगा कि बदायूं शहर के अच्छे दिन आएंगे। शहर में अतिक्रमण हटेगा, गंदगी खत्म होगी और सड़कें गड्ढा मुक्त होंगी। मगर साल 2018 पूरा बीत गया, लेकिन शहर की सूरत नहीं बदल सकी। अतिक्रमण हटाने को लगाए गए लाल निशान मिट गए, लेकिन अतिक्रमण और बढ़ गया। नाले, नालियां चोक होने से कई जगह सड़कों पर पानी बह रहा है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सड़कों के गड्ढे भरने के बजाय और गहरे हो गए हैं।
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डीआईओएस कार्यालय के पास स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज को जाने वाले मार्ग किनारे बनी नाली चोक है। आसपास के लोगों का कहना है कि नियमित सफाई न होने से नाली बंद रहती है। इस कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। राजकीय इंटर की छात्राओं को स्कूल आने जाने में दिक्कत होती है।
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ओवरब्रिज के नीचे से होकर रेलवे स्टेशन को जाने वाले रोड पर गड्ढे हैं। इस ओर ध्यान नहीं देने की वजह से गड्ढ़े गहरे होते जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसके बारे में अधिकारियों को जानकारी नहीं है। मगर इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बाइक, रिक्शा, कार स्वामियों को उधर से निकलने में परेेशानी होती है। --
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शहर में सफाई व्यवस्था का हाल बेहाल है। गलियों में पालिका के सफाई कर्मचारी नहीं पहुंच रहे हैं। इस वजह से लोगों ने मजबूरी में खाली पड़े प्लाटों को कूड़ाघर बना लिया है। जिन मोहल्लों में प्लाट नहीं हैं, तो मोहल्ले वालों ने सड़क किनारे कूड़ा फेंकना शुरू कर दिया है। जो सड़क पर यहां वहां पर फैला रहता है।
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अतिक्रमणकारियों के खिलाफ नगर पालिका की ओर से समय-समय पर प्लान चलाया गया। लेकिन कभी पक्षपात, तो कभी खानापूर्ति की वजह से शहर की सड़कें अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सकी। अतिक्रमणकारियों की वजह से शहर की चौड़ी सड़कें गालियों में तब्दील हो गई हैं। वहीं पालिका की ओर से चुंनिदा सड़कों पर ही अतिक्रमण चलाकर इतिश्री कर ली जाती है।
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वर्जन--
जो भी कमियां है। उन्हें जल्द ही ठीक कराया जाएगा। जनता की अपेक्षा के हिसाब से काम किया जाएगा। कहीं पर कोई नहीं रहने दी जाएगी।
-संजय तिवारी, ईओ
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शहर के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। जब से उन्हें चेयरमैन का पद ग्रहण किया। तब से वह लगातार काम कर रही हैं।
- दीपमाला गोयल, चेयरमैन