फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत मिलने के बाद में सरकारी केंद्रों पर पहुंच रहे किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-17
विज्ञापन


राहत मिलने के बाद सरकारी केंद्रों पर पहुंचने लगे किसान
नई नीति में बदलाव के बाद 11 हजार क्विंटल धान की हुई खरीद अक्तूबर माह में नहीं खरीदा जा सका था एक भी दाना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शुरुआती दिनों में लड़खड़ाने के बाद जिले में अब धान खरीद की रफ्तार जोर पकड़ने लगी है। जिला प्रशासन की ओर से खोले गए सभी केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हो गई है। अधिकारियों की मानें तो नई नीति लागू होने से किसानों का रुख सरकारी केंद्रों से भंग हुआ था लेकिन उसमें बदलाव कर जो राहत दी गई, इसके बाद फिर से किसानों का आना शुरू हो गया है। इसके चलतेे अब तक करीब 11 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।
शासन की नई नीति के तहत 2018-19 में धान बेचने के लिए किसानों के पंजीकरण का काम चला लेकिन करीब तीन सौ किसानों ने ही पंजीकरण कराया। सरकार की नई नीति की वजह से वे ही किसान सरकारी केंद्रों पर धान बेच सकते थे जो पंजीकृत हो। ऐसे में किसानों ने सरकारी केंद्रों पर जाना छोड़ दिया। इस वजह से अक्तूबर माह में एक क्विंटल धान की खरीद पूरे जिले में नहीं हो सकी। ऐसा ही हाल अन्य जिलों में रहा। इसके बाद में शासन की ओर नीतियों में बदलाव किया गया, साथ ही रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर भी धान बेचने की छूट दे दी गई। ये बाध्यता खत्म होने के बाद धान क्रय केंद्रों पर किसानों का पहुंचना शुरू हो गए। इसी का नतीजा है कि अब तक 11 हजार क्विंटल खरीद की जा चुकी है।
विज्ञापन

--------
जिला स्तर पर भी किया नियमों में बदलाव
प्रदेश के साथ-साथ जिला स्तर पर भी कुछ नियमों को लागू किया गया था। जिसके तहत कुछ राजस्व गांवों को मिलाकर एक सेंटर खोला गया। जिन पर केवल उन्हीं गांवों के किसान धान बेच सकते थे। अगर उन्हें वहां पर कोई दिक्कत हो तो सिर्फ बदायूं मंडी समिति में खुले दो केंद्रों पर धान बेचने की छूट थी। शासन से नियमों में छूूट मिलने के बाद जिलास्तर पर भी छूट दी गई है। नए नियमों के तहत अब किसी भी गांव के किसान अपने संबंधित तहसील के अंतर्गत जितने भी धान खरीद केंद्र खुले हैं उन सब पर धान को बेच सकते हैं।
विज्ञापन

------------
225500 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य
-इस बार शुरू से ही किसान शासन की नीतियों में फंसकर रह गया। इस वजह से धान खरीद में काफी विलंब हुआ। ऐसे में शासन की ओर से 225500 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने की संभावना कम जताई जा रही है।


वर्जन--
अब तक करीब 11 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। लगातार धान खरीद में तेजी आ रही है। समय से लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
- प्रकाश नारायण, जिला विपणन अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें