अब तक नहीं बना गो संरक्षण केंद्र, सड़कों पर घूम रहे पशु
बदायूं। जिले में गो संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए शासन ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसका निर्माण ढाई हेक्टेयर भूमि पर होना था, लेकिन उसके लिए 2.40 हेक्टेयर जगह मिली। जिसका चयन कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया। वहां से मंजूरी मिलने के बाद में इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
जिले में आवारा जानवरों की समस्या दिनो-दिन बढ़ती जा रही है। शहर में दिन हो या रात, हर समय आवारा पशु बीच सड़क पर बैठे नजर मिल जाते हैं। कभी कभार ये पशु लड़ने भी लगते हैं। जिससे उस समय वहां से कोई निकल नहीं सकता। वहीं देहात क्षेत्र में किसानों को रात-रात भर जागकर फसलों की रखवाली करनी पड़ती है। ऐसे में शासन की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में गो संरक्षण केंद्र की स्थापना के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद में विभागीय अधिकारियों से लेकर जिलास्तरीय अन्य अधिकारियों ने भी इसके लिए जगह की तलाश शुरू कर दी। काफी तलाशने के बाद में विभागीय अधिकारियों को शहर से करीब 15 से 18 किलोमीटर दूर बिनावर थाना क्षेत्र के गांव रफियाबाद में 2.40 हेक्टेयर जमीन मिली है।
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1.20 करोड़ की है ये परियोजना
-एक करोड़ 20 लाख में गो संरक्षण केंद्र का निर्माण होना है। इसके लिए शासन की ओर से पहले ही 50 लाख रुपये विभाग को दे दिए गए हैं, ताकि इसके निर्माण में कोई दिक्कत न आए।
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गो संरक्षण केंद्र पर जानवरों के पीने के पानी, गायों के लिए हरा चारा, भूसा आदि मिलेगा। साथ ही जो पशु स्वामी संरक्षण केंद्र से पशुओं को लेने जाएंगे। उन पर प्रतिदिन दो सौ रुपये के हिसाब से पेनॉल्टी भी डाली जाएगी।
वर्जन
रफियाबाद में जमीन की तलाश की गई है। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलने के बाद तुरंत इसे बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
- डॉ. एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी