बदायूं। नए सीएमएस डॉ. भारत भूषण पुष्कर ने शनिवार को पहली बार जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें वह कमियां मिलीं, जो पिछले समय चार्ज संभाल चुके सीएमएस को नजर नहीं आईं। अस्पताल परिसर में घास और नाले-नालियों में पनप रहे मच्छरों पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही वार्डों में पड़े गंदे बैड पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यही इंफेक्शन की जड़ हैं। हर मरीज के लिए नई चादर बिछाएं।
सीएमएस डॉ. भारत भूषण पुष्कर ने जिला अस्पताल का निरीक्षण शनिवार दोपहर करीब 12 बजे शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने इमरजेंसी के हालात देखे। छत से पानी टपकता हुआ मिला। दीवारें गंदी मिलीं। इस पर सीएमएस ने कहा कि अस्पताल की छतों से पानी टपकेगा तो मरीज कहां लेटेंगे। उन्होंने बाबू से कहा कि वह जल्द से जल्द बजट का इंतजाम करें और अस्पताल की छतें सही कराएं। अस्पताल के नाले-नालियों में मच्छर और उनके लार्वा पनपते मिले। परिसर में बड़ी-बड़ी घास देखकर उन्होंने तुरंत सफाई के आदेश दिए। सर्जिकल वार्ड में बैड पर चादर नहीं थीं। बरसात के समय छत से पानी टपकने से गद्दे खराब हो गए थे। इस पर उन्होंने कहा कि वार्डों में जो भी खराब गद्दे मिले हैं दरअसल वही बीमारी की जड़ हैं। इन गद्दों से नए मरीजों में इंफेक्शन फैल सकता है। अब किसी भी मरीज को बगैर चादर के नहीं लिटाया जाए। हम यहां मरीजों का इलाज करते हैं न कि उन्हें बीमारी बांटते हैं। मरीजों में इंफेक्शन रुकेगा, तो वह जल्द स्वस्थ्य होंगे। सीएमएस ने सर्जिकल वार्ड के अलावा, पेइंग वार्ड, मेडिकल वार्ड, आर्थो वार्ड, बर्न वार्ड आदि के हालात भी देखे। कई वार्डों में गंदगी पाई गई, कूड़ा-कचरा डालने के डस्टबिन अलग-अलग पाए गए। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए तुरंत सुधार लाने के निर्देश दिए।
इमरजेंसी वार्ड के शौचालय के लिए रखा जाएगा वाटर टैंक
जिला अस्पताल के सबसे व्यस्ततम इमरजेंसी वार्ड के शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। इसके ऊपर 500 लीटर का टैंक रखा हुआ है जो जल्दी खाली हो जाता है। बाद में मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है। सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर ने कहा है कि यहां एक हजार लीटर का वाटर टैंक रखा जाए, जिससे मरीजों को दिक्कत न हो।
लटकते मिले तार, उल्टा चलता मिला पंखा
जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कई जगह बिजली के तार भी लटकते हुए मिले। दो पंखे खराब मिले तो एक उल्टा चलता हुआ मिला। सीएमएस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए टैक्नीशियन को तार ठीक करने और पंखों की मरम्मत के आदेश दिए।