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कल्पतरू और कल्पवट के शिकार हुए एक लाख लोग

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कल्पतरू और कल्पवट के
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शिकार हुए हजारों लोग
10 हजार एजेंटों के जरिया फैला था नेटवर्क, जुड़े थे 80-90 हजार लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। करीब छह माह पूर्व भागी कल्पतरू रियल एस्टेट कंपनी का बहुत बड़ा नेटवर्क था। सिर्फ बदायूं में उसके करीब चार-पांच हजार एजेंट थे। जिन्होंने करीब 50 हजार से अधिक ग्राहक बनाए थे। इसी तरह कल्पवट कंपनी ने जिले में अपना नेटवर्क फैलाया था। उसके भी करीब दो हजार एजेंट थे और 25 से 30 हजार ग्राहक थे। कल्पवट कंपनी बाद में आई और कल्पतरू के बाद फरार हो गई। आज दोनों कंपनियों के शिकार लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
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सिर्फ कल्पतरु रियल एस्टेट कंपनी की बात करें तो उसके नाम से जिले में कई बीघा जमीन है। ग्राहकों द्वारा लगाया जा रहा पैसा जमीन खरीदने में लगाया जा रहा था। करीब 10-11 साल पहले कल्पतरू कंपनी ने अपने पैर जमाए थे। धीरे-धीरे करके लोग जुड़ते गए। लोगों को जोड़ने के लिए बाकायदा सेमिनार भी होते थे। लोगों को ऐसी स्कीमें दिखाई जातीं थीं, अंडे से मुर्गी और मुर्गी से बकरी के लालच में कल्पतरू कंपनी से करीब 40-50 हजार लोग जुड़ गए। उन्होंने करोड़ों रुपये भी इनवेस्ट कर दिए। इसी तर्ज पर कल्पवट कंपनी शुरू हुई। इसी तरह एजेंट बनाए गए और स्कीमें भी उसी तरह रहीं। आज दोनों कंपनियों के शिकार लोग इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई कंपनियों में लगा दी।
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