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पौधरोपण में खर्च कर दिए एक करोड़, हरियाली गायब

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पौधरोपण पर खर्च किए एक करोड़, फिर भी हरियाली नहीं
11 जुलाई 2016 को जिले में लगाए गए थे 6.37 लाख पौधे
भूल गया वन विभाग, देखरेख के अभाव में सूख गए पौधे
अमर उजाला ब्यूूरो
बदायूं। वातावरण प्रदूषण रहित बनाने के लिए पौधे लगाने के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं मगर हरियाली फिर भी कहीं नजर नहीं आती। सपा की अखिलेश सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी साल में 11 जुलाई 2016 को पूरे प्रदेश में एक दिन में पांच करोड़ पौधे लगवाए थे। यहां जिले की चारो रेंजों बदायूं, सहसवान, दातागंज और बिसौली में 6 लाख 37 हजार पौधे लगाए गए। जिसमें जिले के अफसरों से लेकर ब्लॉक तक के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अभियान में लगाया गया। एक दिन में पौधरोपण पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए, मगर वन विभाग पौधे लगाने के बाद उन्हें भूल गया। यही वजह रही कि देखरेख के अभाव में अधिकतर पौधे सूख गए या फिर जानवर चर गए। यही वजह है कि एक करोड़ खर्च करने के बावजूद जिले में हरियाली नजर नहीं आती है।
वन विभाग के लिहाज से जिले में चार रेंज हैं। अभियान के दौरान बदायूं रेंज में बरेली-बदायूं हाईवे, अलापुर रोड, आंवला रोड और समस्त सरकारी विभागों के कार्यालयों में पौधरोपण किया गया था। इसी तरह सहसवान और बिसौली रेंज में हाईवे और तहसील क्षेत्रों में आने वाले सभी सरकारी कार्यालयों में पौधरोपण हुआ था। इसी प्रकार दातागंज तहसील क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और पार्कों पौधरोपण किया गया था।
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सड़क चौड़ीकरण में कट रहे पेड़
बरेली-मथुरा और बदायूं-मेरठ हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। चौड़ीकरण के दौरान रोड किनारे खड़े पेड़ काट दिए जाते हैं। नियमानुसार जितने पेड़ काटे जाएं रोड चौड़ा होने पर उतने ही पौधे लगाए जाने चाहिए। पेड़ काटने की अनुमति लेने के समय संबंधित विभाग यह वायदा भी करता है। बदायूं-बरेली के बीच सड़क फोरलेन हुई थी, लेकिन पेड़ काटने के बाद दोबारा नहीं लगाए गए।
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कहां कितना हुआ था पौधरोपण
बदायूं रेंज - 2.10 लाख पौधे
सहसवान रेंज- 1.60 लाख पौधे
बिसौली रेंज - 1.40 लाख पौधे
दातागंज रेंज - 1.27 लाख पौधे
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इनके पौधे हरे भरे, विभाग के सूख गए
पूर्व सीएम अखिलेश यादव के आदेश पर सामाजिक संगठन और स्कूल प्रबंधन ने भी पौधरोपण कराया था। सामाजिक संगठनों की ओर से रोपे गए अधिकतर पौधे लहलहा रहे हैं। मगर वन विभाग ने लगाए पौधे गायब हो गए हैं। एचपी इंटरनेशनल के प्रबंधक शिवम पटेल का कहना है कि हम लोगों का उद्देश्य सिर्फ पौधे रोपना ही नहीं, बल्कि उन्हें सहेजना भी था। देखरेख के चलते पौधे हरे भरे हैं। वहीं जीएस हीरो शोरूम के मालिक अनुपम गुप्ता का कहना है कि उन्होंने शहर में कई जगह पौधरोपण कराया था। वह हर सप्ताह पौधों की देखरेख करते हैं। इसका नतीजा यह रहा कि 80 फीसदी पौधे हरे-भरे हैैं।
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11 जुलाई 2016 को जिले भर में पौधरोपण कराया गया था। जिन स्थानों पर पौधे लगाए गए थे, वे निर्धारित स्थान से गायब हो गए हैं। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। हाईवे निर्माण के दौरान पेड़ काटने की अनुमति विभाग की ओर से दी जाती है, लेकिन प्लांटेशन कराने को बजट शासन जारी करता है।
- ईशा तिवारी, डीएफओ
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