लग रहे उद्योग, खुलेंगे रोजगार के द्वार
मुद्रा योजना में करीब 1800 बेरोजगारों को दिया जा चुका है लोन, अधिकारी भी कर रहे उद्यमियों का सपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मोदी सरकार ने पहले नोटबंदी फिर जीएसटी को लागू किया। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उद्योगों पर पड़ा था। मोदी और योगी सरकार ने उद्योगों को संकट से उबारने के लिए जीएसटी प्रक्रिया को सरल करने के साथ नए उद्योग लगाने के लिए कागजी प्रक्रिया में सुधार किया। प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को उद्योग लगाने के लिए जमीन आसानी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसका नतीजा यह रहा कि अकेले बदायूं जिले में 16 नए उद्योग खोलने के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनमें से नौ उद्योगों का निर्माण भी शुरू हो चुका है।
जिले में अब तक नया उद्योग शुरू करना काफी जोखिम भरा काम था। उद्योग में रकम फंसाने के साथ ही उद्यमी को कई विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता था। इसमें विभागों के बाबुओं से लेकर अफसरों तक के चक्कर लगाते-लगाते पसीने छूट जाते थे। कई जगह चढ़ावा चढ़ाए बिना एनओसी की फाइल आगे नहीं बढ़ती थी। ऐसी ही कागजी खानापूरी में फंसने की वजह से कई उद्यमी तो नया काम शुरू करने से तौबा करते थे। इंवेस्टर समिट में निवेश मित्र उद्योग बंधु पोर्टल लांच करके व्यवस्था की गई कि उद्यमी अपने कारोबार से संबंधित सारे दस्तावेज इसी पोर्टल पर लोड करके सारे विभागों से ऑन लाइन एनओसी ले सकते हैं। इंवेस्टर्स समिट के बाद राज्य सरकार ने निवेश मित्र उद्योग बंधु पोर्टल खोलकर सिंगल विंडो पर कई विभागों की त्वरित एनओसी देने की व्यवस्था की। इसके तहत प्रयास किया जा रहा है कि हर नए उद्योग को लगाने के लिए अलग-अलग विभागों की एनओसी लेने के लिए अब उद्यमियों को चक्कर न काटने पड़ें। वहीं जिला प्रशासनिक अधिकारियों की पहल भी उद्योग को बढ़ावा देने में काम कर रही है।
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यह उद्योग पाएंगे लाभ
-सालारपुर में ही एक करोड़ से कृषि यंत्र बनाने का कारखाना बनने का काम शुरू हो चुका है।
-सालारपुर औद्योगिक क्षेत्र में चार करोड़ से टेक्सटाइल फैक्ट्री का विस्तार होगा।
-कुड़ा नरसिंहपुर में चार करोड़ से मेंथा प्लांट लगाकर मेंथा के उत्पाद बनाए जाएंगे।
-बिसौली के पास सिसरका में 19.85 करोड़ से कृषि उत्पाद बनाए जाएंगे।
-अलग-अलग लागत से चार कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे। इनमें दो बिल्सी क्षेत्र, एक बिसौली और एक सदर तहसील में होगा।
-बदायूं के जमालपुर हसौरा में दो सौ करोड़ से पचास मेगावाट का सोलर एनर्जी प्लांट लगेगा। वहीं, रिजौला उसहैत में निर्माणाधीन ढाई सौ करोड़ के चालीस मेगावाट क्षमता वाले सोलर ऊर्जा प्लांट को भी सहूलियत मिलेगी।
-परमानंदपुर बिसौली में साढ़े चार करोड़ से फलों के उत्पाद बनाने का कारखाना लगेगा तो बिसौली के विशुनईया खेड़ा में भी ऐसा ही प्लांट लगाया जाएगा।
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उझानी, बिसौली के इंड्रस्ट्रियल एरिया ठप
जिले में उझानी, बिसौली, सहसवान और इस्लामनगर में इंडस्ट्रियल एरिया का हाल काफी खस्ता है। उझानी में 45 प्लाट, 14 इकाइयों को आवंटित हैं। इस समय इनमें से कोई कार्यरत नहीं है। सहसवान में 61 प्लाट हैं जो 22 इकाइयों को आवंटित हैं। इनमें केवल एक उद्योग कार्यरत है। बिसौली में 55 प्लाट 39 इकाइयों को आवंटित हैं। इनमें कोई कार्यरत नहीं है।
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अब तक आए 16 आवेदन
जिला उद्योग केंद्र में जनवरी 2018 से अब तक 16 आवेदन आए हैं। सभी को एमओयू साइन कर दिए हैं। जिसमें कोल्ड स्टोर, टैक्सटाइल्स, सोलर लाइट प्लांट आदि शामिल है। इसमें कोल्ड स्टोर और टैक्सटाइल्स की फैक्टी घरातल पर उतर चुकी है।
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बैंक ने करीब 18 सौ बेरोजगारों को दिया लोन
जिले में 23 बैंकों की 180 ब्रांच है। इन ब्रांचों पर करीब 18 सौ बेरोजगारों के लिए मुद्रा योजना के तहत लाभ दिया जा चुका है।
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बैंकों की ओर से हैं कई स्कीम
बैंकों की ओर से तमाम स्कीम चलाई जा रही हैं। जिसमें प्रमुख मुद्रा योजना, स्टार्ट इंडिया, स्टैंडअप इंडिया है। मुद्रा योजना के तहत बेरोजागारों के लिए 10 लाख तक लोन दिया जा सकता है। स्टार्ट इंडिया के माध्यम से एक से 25 करोड़ रुपये का लोन दिया जा सकता है जबकि स्टैंड अप इंडिया के तहत एक से 10 लाख तक का लोन सिर्फ महिला, एससी, एससी के लिए दिया जा सकता है।
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वर्जन--
फोटो-19
उद्योगों के विकास के लिए इस समय बहुत अनुकूल माहौल है। सरकार उद्यमियों को खास प्रोत्साहन दे रही है। सरकार की ओर से चलाई जा ही तमाम स्कीमों का फायदा लेते हुए उद्यामी भी आगे आ रहे हैं। बदायूं में जनवरी से लेकर अब तक 18 उद्योगों के लिए आवेदन आए। जिनमें से नौ उद्योग शुरू हो चुके हैं। बाकी भी जल्द ही धरातल पर होंगे। उद्यमियों को किसी भी प्रकाश की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-धर्मेंद्र कुमार भास्कर, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र बदायूं