शहर के कई स्थानों पर पार्किंग की आड़ में अवैध वसूली जारी है। वाहन चालकों के आनाकानी करने पर ठेकेदार के गुर्गे लाठी दिखाकर धमकाते हैं। किस वाहन से कितना पार्किंग शुल्क लेना है, इसकी लिस्ट भी नहीं लगाई जाती है। पार्किंग पर पेयजल आदि संसाधन भी नहीं हैं।
नगर पालिका का शहर में पार्किंग व लोडिंग, अनलोर्डिंग शुल्क वसूलने का ठेका है। नियमानुसार वाहनों से निर्धारित शुल्क वसूलना चाहिए। वह भी एक निश्चित जगह को तय करके। इसके उलट जबर्दस्ती सभी आने-जाने वाले वाहनों से पार्किंग, लोडिंग, अनलोडिंग के नाम पर शुल्क वसूला जाता है। शहर के पुुराने बस स्टैंड, पुलिस लाइंस, वन विभाग रोड समेत अन्य जगहों पर लगातार अवैध वसूली होती है। इसको लेकर कई चालक, परिचालक कई बार पालिका व प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।
प्राइवेट बस स्टैंड पर पार्किंग के नाम पर प्रति चक्कर हर बस से 30 रुपये वसूली की जाती है। उसके ऐवज में यहां चालक-परिचालक को रुकने के लिए छत तक मुहैया नहीं हो पा रही है। पीने के लिए शुद्ध पेयजल भी नहीं मिल पा रहा है। यहां एक हैंडपंप लगा हुआ है। साथ ही लिस्ट के नाम पर सिर्फ प्रति चक्कर 30 रुपये बस लिखा हुआ है।
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यहां है पालिका का ठेका
प्राइवेट बस स्टैंड पर पार्किंग ठेका, दातागंज तिराहा, खेड़ा नवादा चौराहा, मंडी समिति तिराहा और लालपुल तिराहे के पास में नगर पालिका का लोडिंग व अनलोडिंग का ठेका। प्राइवेट बस स्टैंड पर 12 लाख का ठेका है। जबकि लोडिंग, अनलोडिंग के लिए 45 लाख का ठेका है।
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हो रही अवैध वसूली
यदि लोकल गाड़ी है तो उससे 20 रुपये लोडिंग-अनलोडिंग की वसूली की जाती है। यदि कोई बाहर वाला नजर आता है तो उससे 40 रुपये वसूले जाते थे। ऐसे ही बड़ेे वाहनों से भी अनियमित तरीके से वसूली की जा रही है।
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पालिका करती है अनदेखी
इस मामले में तो जैसे नगर पालिका ने आंखें मूंद ली हैं। उसने पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूलने का ठेका देकर बदले में मोटी राशि मिलने का जुगाड़ कर लिया है। इसके बाद संबंधित ठेकेदार कैसे वसूली कर रहे हैं, इसमें किस कदर अनियमितताएं बरती जा रही हैं ? इनसे उसे कोई मतलब नहीं है। नगर पालिका ने न तो कहीं पार्किंग शुल्क वसूली के बारे में लोगों को बताने का प्रयास किया और न ही वसूली वाली जगह पर इन नियमों का बोर्ड लगाया है, जिससे आम लोगों को रेट के बारे में पता चल सके।
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एडीजी ने कहा था, ये तो लूट है
बदायूं। हाल ही में जिले के दौरे पर आए एडीजी प्रेमप्रकाश के सामने भी पार्किंग ठेकों के नाम पर गुंडागर्दी और अवैध वसूली की शिकायत आई थी। तब एडीजी ने इसे लूट करार दिया था। उन्होंने कहा था कि वैध तरीके से किए गए ठेके में भी हर वाहन से होने वाली वसूली की रेट लिस्ट लगानी चाहिए। हर वसूली की रसीद दी जाए। इसके अलावा हवा, शुद्ध पेयजल आदि की व्यवस्था हो तो ठीक है, वर्ना ऐसे ठिकानों को प्रशासन के साथ मिलकर पुलिस को बंद कराना चाहिए। उन्होंने इन पर कार्रवाई के निर्देश एसएसपी चंद्रप्रकाश को दिए थे। एसएसपी ने इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कही थी।
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मेरे कार्यकाल से पहले का ठेका है। यह मार्च में खत्म हो रहा है। उसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। मेरे पास कुछ लोग शिकायत करने के लिए आए थे कि उनसे अवैध वसूली की जा रही है लेकिन मौके पर कुछ नहीं मिला। अगर कहीं भी ऐसा मिलता है तो पालिका की ओर से उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- दीपमाला गोयल, चेयरमैन
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अगर कहीं भी नियमविरुद्ध पार्किंग या अन्य मद में शुल्क वसूला जा रहा है तो उसकी जांच कराएंगे। शिकायत सही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वाहन चालकों से मनमानी उगाही बर्दाशत नहीं की जाएगी।
- किशोर गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट