राजकीय मेडिकल कॉलेज की जर्जर हालत। संवाद
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर अब तक करीब 646 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन इसका काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। हाल यह है कि कॉलेज का भवन लगातार जर्जर हो रहा है। जिन वार्डों में मरीज भर्ती होते हैं वहां की भी छतें व फाॅल्स सिलिंग टूटकर गिर रहीं हैं। इसके साथ ही यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं का भी हाल खराब है।
इमरजेंसी सेवा में समुचित इलाज नहीं है, आईसीयू का संचालन आए दिन ठप हो जाता है। 167 वेंटिलेटर में सिर्फ आठ वेंटिलेटर ही काम कर रहे हैं। लेकिन यहां की बदहाली पर शासन की भी नजर नहीं आ रही है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है और उनको इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण साल 2014 में शुरू हुआ था। इसे दिसंबर 2024 तक पूरा होना था।
लेकिन मेडिकल कॉलेज के दो ब्लॉकों का निर्माण अब भी अधूरा पड़ा है। कॉलेज में दो लेक्चर रूम, मल्टीपरपज हॉल, फॉल्स सीलिंग समेत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का कार्य अधूरा पड़ा है। प्रस्तावित 12 लिफ्ट का काम भी पूरा नहीं हुआ है। चार टॉवरों का काम ही पूरा हो सका, पांच अब भी अधूरे पड़े हैं।
नर्सिंग छात्रावास में केवल आंशिक रूम उपलब्ध हैं। इंटर्न हॉस्टल का कार्य अपूर्ण है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की जर्जर हालत। संवाद