बदायूं। जिले के पांच हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अव्यवस्था के चलते बीमार पड़े हुए हैं। शनिवार को की गई पड़ताल में दो सेंटरों पर ताले लगे मिले। वहीं, दो पर सीएचओ नदारद थे। एक सेंटर का भवन ही हैंडओवर न होने से स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ी थीं, जबकि विभाग हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को चलाने के लिए प्रत्येक माह 63 लाख रुपये खर्च कर रहा है।
दबतोरी के गांव दौलतपुर व आसफपुर के गांव दांवरी के सेंटर पर ताले लगे थे। अलापुर में भवन तैयार होने के बाद भी सीएचओ की तैनाती नहीं थी। वहीं, म्याऊं क्षेत्र के गांव नगरिया सेंटर पर सीएचओ नहीं मिले। जानकारी करने पर बताया कि वह बीमार हैं। रिसौली के पंचायत घर के पास बने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी सीएचओ की तैनाती नहीं हो सकी है। इसकी वजह से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ सेंटरों के सामने तो गंदगी के अंबार थे, इससे सेंटर तक नहीं जा पहुंचा।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में 234 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। ग्रामीण इलाकों में मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के लिए ये सेंटर बनाए गए हैं, पर इनकी खुद की हालत खराब है। इनमें 24 सेंटरों पर सीएचओ नहीं हैं। हालांकि, विभाग द्वारा जिले के सेंटरों पर 210 सीएचओ की तैनाती है।
दौलतपुर गांव में बंद मिला सेंटर, दांवरी गांव में नहीं आता सीएचओ
दबतोरी/फैजगंज। दौलतपुर गांव में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। सीएचओ सोमनाथ ने बताया कि उनका स्वास्थ्य खराब है, इसलिए वह अवकाश पर हैं। गांव दांवरी में स्वास्थ्य विभाग की ओर संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ आते नहीं हैं। शनिवार को पड़ताल में सामने आया कि दस बजे तक सेंटर पर ताले लगे थे। ग्रामीणों ने बताया कि यहां सीएचओ नहीं आता है। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संवाद
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भवन तैयार अब तक हैंडओवर नहीं
अलापुर/म्याऊं। अलापुर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का भवन कई महीने पहले बनकर तैयार हो गया है, लेकिन अभी तक विभाग के हैंडओवर नहीं हो सका है। एमओआईसी शुशांत बनर्जी ने बताया कि यह सेंटर अब तक विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है। इसके चलते सीएचओ की तैनाती नहीं हो सकी है। वहीं, म्याऊं के नगरिया चिकन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की पड़ताल की गई, जिसमें सामने आया कि सीएचओ ओमवीर सिंह छुट्टी पर हैं। फोन पर बताया कि मैं बीमार हूं। हालांकि, एएनएम फूलनदेवी सेंटर पर गर्भवती महिलाओं व बच्चों को टीका लगाती मिली। संवाद
यह है सीएचओ की भूमिका
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आने वाले गंभीर मरीजों की समस्याओं को सुनकर सर्जन या फिर फिजिशियन से बीमारी के बारे में ऑनलाइन चर्चा करेंगे। इसके बाद डॉक्टर ग्रुप पर ही संबंधित बीमारियों की दवाएं लिखकर भेजेंगे जो मरीजों को दी जाएंगी। गंभीर मरीज होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किए जाने की व्यवस्था है। वहीं एचआईवी व शुगर की जांच कराने की जिम्मेदारी विभाग ने दी है। इसके लिए इनको पांच दिन का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर मरीजों को इलाज से लेकर जांच तक की सुविधा मिल रही है। अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी लापरवाही कर रहा है तो जांच कर विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी। डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
रिसौली में बंद पड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
रिसौली में बंद पड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
रिसौली में बंद पड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
रिसौली में बंद पड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद