तहसील सदर क्षेत्र के गांव मोंगर के 62 किसानों ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की है। कहा है कि उनका गन्ना राणा शुगर मिल शाहबाद (रामपुर) को जाता है जिसकी वजह से उन्हें तमाम दुश्वारियां उठानी पड़तीं हैं। वह अब वहां अपना गन्ना नहीं भेजेंगे। उनकी मांग है कि उनका गन्ना क्रय केंद्र यदुशुगर मिल बिसौली का बनाया जाए। नहीं तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए।
गन्ना किसानों ने कहा है कि यदुशुगर मिल की दूरी गांव से कम है, जबकि राणा शुगर मिल की दूरी 60 किमी से अधिक पड़ती है। जिसकी वजह से उन्हें आने जाने के साथ ही आर्थिक दिक्कतें भी उठानी पड़तीं हैं। किसानों का आरोप है कि राणा शुगर मिल ने अपने कर्मचारियों के जरिए कुछ प्रभावशाली गन्ना किसानों से मिलकर फर्जी गन्ने का सर्वे करा दिया था। इसे लेकर गांव के लोगों में विवाद खड़ा हो गया था, जो पुलिस तक पहुंच गया । तब सभी गन्ना किसानों ने विभागीय अधिकारियों के साथ ही सूबे के मुख्यमंत्री और अन्य को पत्र भेजकर यह मांग की थी कि फर्जी सर्वे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही नए सिरे से सर्वे कराया जाए। मगर किसी ने आज तक उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया है, जिसकी वजह से वे परेशान हैं और उन्होंने यह कदम उठाया है। राष्ट्रपति को डाक के जरिए पत्र भेजने वालों में रुपेंद्र सिंह, विवेक कुमार, ओमपाल सिंह, मकरंद सिंह, लालता प्रसाद, निर्वेश, सुधीर, अंकित सिंह, सुदामा देवी, प्रदीप आदि प्रमुख हैं।