बदायूं। पिछले दिनों से जिले में यूरिया को लेकर चल रहा संकट अब खत्म होता दिखाई दे रहा है। शनिवार को भी आठ सहकारी समितियों पर 38 सौ मीट्रिक टन यूरिया और पहुंच गई। इस कारण अब किसानों को भरपूर मात्रा में यूरिया का वितरण किया जा रहा है। तीन करोड़ के हुए खाद घोटाले की वजह से जिले में यूरिया का संकट हो गया। इस वजह से किसानों को रबी की फसल बुआई में परेेशानी हो रही है। इसको लेकर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताते हुए यूरिया की मांग की थी। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को सराय बरौलिया में छह सौ, मझारा में 520, समरेर पांच सौ, सबलपुर चार सौ, बिछलिया चार सौ, अमरोली चार सौ, सिसैया गुसाई चार सौ और रिसौली में छह सौ मीट्रिक टन इफको की यूरिया सोसाटियों पर पहुंच गई। वहीं शुक्रवार को भी 56 सौ 85 मीट्रिक टन यूरिया 11 केंद्रों पर पहुंची थी। इससे खाद की समस्या जिले में हल होती नजर आ रही है।
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किसानों को समय से नहीं मिल रही खाद
बदायूं। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन अराजैनतिक की पंचायत मालवीय आवास पर हुई। जिलाध्यक्ष नरेश पाल सिंह ने कहा कि गन्ना मिलों की ओर से किसानों का शोषण किया जा रहा है, जो अब किसानों के बर्दाश्त से बाहर है। जिला सचिव दुर्गपाल सिंह पटेल ने कहा कि इस समय किसान को गेहूं की फसल में लगाने के लिए यूरिया नहीं मिल पा रही है। किसान बेचारा परेेशान है। इस मौके पर कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।