बदायूं मॉडल की तर्ज पर प्रदेश भर में लागू हुई ‘वंचित को अन्न’ योजना
बदायूं। राशन वितरण प्रणाली में सुधार के लिए डीएम दिनेश कुमार सिंह द्वारा बदायूं में लागू किए मॉडल पर शासन ने भी अपनी मुहर लगा दी है। अब पूरे सूबे में बदायूं मॉडल की तर्ज पर ‘वंचित को अन्न’ योजना लागू कर दी गई है। इस संबंध में शासन ने सभी जिलों के डीएम को आदेश जारी कर योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं।
लंबे समय से राशन व्यवस्था पर माफिया हावी थे, जिससे सही उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिल पाता था। चूंकि राशन माफिया और सफेदपोशों का गठजोड़ था, जिसकी वजह से अधिकारी चाहते हुए भी इस पर अंकुश नहीं लगा पाते थे। करीब एक साल पहले दिनेश कुमार सिंह ने बतौर डीएम बदायूं का कार्यभार संभाला। उनके सामने सबसे ज्यादा शिकायतें राशन वितरण को लेकर आईं। उन्होंने इसे गंभीरता से लेकर एक ऐसा प्लान तैयार किया जिसके तहत हर गांव के उपभोक्ताओं को समय से और पूरा राशन मिल सके।
डीएम ने जो मॉडल तैयार किया था उसके तहत राशन की दुकान पर राशन बंटते समय दूसरे विभाग के कर्मचारियों को बतौर वितरण अधिकारी ड्यूटी लगाई गई। तय किया गया कि गोदाम से राशन के उठान के समय वहां अधिकारी तैनात रहेंगे। उन्हीं की देखरेख में कोटेदारों को राशन दिया जाएगा। इस योजना को ‘वंचित को अन्न’ नाम दिया गया। समय-समय पर अधिकारियों से क्रॉस चेकिंग कराने के साथ कोटेदारों के यहां किसी अधिकारी को भेजकर इस बात की जांच भी कराई गई कि जितना राशन उठाया गया है उतना कोटेदार के पास मौजूद है अथवा नहीं। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए डीएम ने छापामारी भी की और घपला पकड़े जाने पर कई कोटेदारों और अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। नई व्यवस्था के बाद काफी हद तक राशन वितरण प्रणाली में सुधार आया। इसे शासन ने भी पसंद किया। बदायूं के मॉडल को योगी सरकार ने अब पूरे प्रदेश में लागू किया है और इसके लिए डीएम को शाबासी भी दी गई है। पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान लखनऊ में बैठे अधिकारियों ने डीएम से पूरी योजना के बारे में जानकारी ली, जिसके बाद इसका शासनादेश जारी किया गया।
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वीडियो बनाने की दी है छूट
यदि कहीं पर उपभोक्ताओं को राशन वितरण के समय दिक्कत हो रही हैं तो डीएम की ओर से यह आदेश कर दिया गया था कि कोई भी व्यक्ति वितरण के समय वीडियो बनाकर उन्हें भेज सकता है। इसको कोई कोटेदार अथवा वहां तैनात कर्मचारी मना नहीं करेगा।
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हर कोटेदार के यहां उपभोक्ताओं की सूची चस्पा
डीएम की योजना के बाद हर कोटेदार के यहां पर लाभार्थी उपभोक्ताओं की सूची चस्पा होती है। किसे कितना अनाज या अन्य राशन वस्तुएं मिलेंगी यह भी अंकित होता है, ताकि कहीं पर कोई गड़बड़ी न कर सके।
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कोटेदार भी नहीं हटाए, खुद कर लिया सुधार
अक्सर सत्ता परिवर्तन के बाद कोटेदार भी बदले जाते रहे हैं, लेकिन डीएम ने यहां ऐसा नहीं होने दिया। जो कोटेदार हैं उन्हें ही इस बात के आदेश कर दिए थे कि वे खुद वितरण में पारदर्शिता बरतें, तब उन्हें हटाने की कोई जरूरत नहीं है।