बदायूं। जिले में फैले जानलेवा बुखार पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। लगातार लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं और अपनी जान गवां रहे हैं। इससे देहात क्षेत्र में ज्यादा बुखार की दहशत है। लोग इतने डरे हुए हैं कि थोड़ी भी तबीयत बिगड़ी डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। पिछले चौबीस घंटों में अब तक सात लोग बुखार से अपनी जान गवां चुके हैं।
बिनावर। सिकरोड़ी निवासी सोमवाला (22) पत्नी भुवनेश कुमार पांच माह की गर्भवती थी। उसे पिछले तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले बरेली के प्राइवेट अस्पताल ले गए थे, जहां शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। रामबेटी (70) पांच दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। उनकी शहर के प्राइवेट अस्पताल में शुक्रवार रात मौत हो गई। इस समय गांव में करीब डेढ़ सौ लोग बुखार से पीड़ित हैं।
मूसाझाग। संवेदनशील ब्लाक जगत क्षेत्र के ग्राम मूसाझाग निवासी खेमकरन की पत्नी लौंगश्री को दो दिन पहले बुखार आया था। परिवार वालों ने उसे गुलड़िया में दवा दिलाई थी। उस समय कुछ आराम मिल गया। शुक्रवार की रात उनकी हालात फिर बिगड़ गई। परिवार वाले लौंगश्री को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
कादरचौक। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम जलालपुर निवासी हर्षित (11) पुत्र सत्यवीर सिंह की पिछले पांच दिन से बुखार से हालत खराब थी। परिवार वाले हर्षित का प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे थे। शनिवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
दातागंज। संवेदनशील ब्लाक समरेर क्षेत्र के ग्राम अमरोली हसीन बानो (35) पत्नी खुशी खां को पिछले तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज करा रहे थे। शनिवार सुबह हसीन बानो की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं दातागंज ब्लाक क्षेत्र के ग्राम उगनपुर निवासी लवकुश के चार माह के बेटे रोहित की बुखार से शनिवार शाम मौत हो गई।
ओरछी। फैजगंज बेहटा क्षेत्र के ग्राम परमानंदपुर निवासी प्रदीप शर्मा (17) पुत्र रमेश शर्मा को दो दिन पहले बुखार आया था। परिवार वालों ने गांव में खुले नए प्राइवेट अस्पताल में उसे दवा दिलाई। सुधार नहीं हुआ तो उसे चंदौसी भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।