कछला के बहोरा नगला इलाके में रविवार दोपहर बाद कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी से 14 झोपड़ीनुमा घर जल गए। आग इतनी विकराल थी कि काफी देर तक लोग नजदीक नहीं पहुंच सके। आग के बीच फंसने से आठ पशु जिंदा जल गए। पांच पशु झुलस गए। पशुओं को खोलने की कोशिश में गृहस्वामी झुलस गया। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मी और गांव वालों को आग पर काबू पाने में तीन घंटे लग गए। आग से करीब आठ लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। सूचना मिलने पर एसडीएम सदर, सीओ और तहसीलदार ने मौका मुआयना किया।
बहोरा नगला इलाके कूड़े के ढेर में आग सुलग रही थी। अपराह्न करीब तीन बजे कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी आलम सिंह के झोपड़ीनुमा घर पर जा गिरी, जिससे आग लग गई। इसके बाद आग ने एक के बाद एक 14 घरों को चपेट में ले लिया। हवा के झोंके के साथ आग विकराल रूप लेती गई। उस समय ज्यादातर लोग खेतों पर थे। आग की वजह इलाके में चीख-पुकार मचने लगी। गृहस्वामियों समेत आसपास के लोगों ने निजी संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। नगर पंचायत अध्यक्ष नरेश यादव ने कर्मचारियों को वाटर टैंक के साथ भेज दिया। चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने कॉल करके दमकल को भी बुला लिया। दमकल कर्मियों समेत लोग आग पर काबू पाते, तब तक झोपड़ीनुमा घरों में रखा अनाज, कृषि उपकरण, डनलप-बुग्गी, थ्रेसर और ट्रॉलियों के पहिए जल गए।
कसबाइयों में मोरसिंह के चार, नरेशपाल के दो, अनूप का एक, कलफ सिंह के तीन और फूलसिंह के दो पशु झुलस कर मर गए। सबसे ज्यादा नुकसान रामसिंह को हुआ। उसने बेटी की शादी में दहेज के लिए जो सामान इकट्ठा किया, वह भी आग की भेंट चढ़ गया। हीरासिंह, शेरसिंह, बलवीर, देवेंद्र, सुरेश के घर भी नहीं बचे। सुरेश का तो हाथ भी झुलस गया। चश्मदीद लोगों की माने तो अग्निकांड की चपेट में आए घरों में ऐसा कोई घर नहीं है जिसमें अनाज और रोजमर्रा इस्तेमाल का सामान बचा हो। सूचना के बाद एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य, सीओ भूषण वर्मा, तहसीलदार आरपी चौधरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र की अगुवाई में राजस्व कर्मियों की टीम बनाकर नुकसान का आकलन कराना भी शुरू कर दिया है। आग की वजह से देर शाम तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
छह बीघा गेहूं की फसल हुई राख का ढेर
उझानी। रविवार सुबह पालिका सदस्य अजय यादव और उनके चाचा विष्णु सिंह के खेत में गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। फसल में आग कैसे लगी, यह अभी रहस्यमय बना हुआ है लेकिन पड़ोस के खेत मालिक ने गेहूं जलते देख अजय को बुला लिया। मोहल्ले के लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोग आग पर काबू पाते, उससे पहले ही करीब छह बीघ खेत का गेहूं राख के ढेर में तब्दील हो गया।