बदायूं। शिक्षा विभाग में नौकरी न मिलने पर बीएसए कार्यालय में परिवार समेत आत्मदाह करने की कोशिश करने वाले दिव्यांग दिवाकर शर्मा, उसकी पत्नी, भाई और मां को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। उधर, इस मामले की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है।
दिवाकर शर्मा के पिता बेसिक शिक्षा विभाग में टीचर थे। उनकी मौत के बाद दिव्यांग दिवाकर मृतक आश्रित में नौकरी पाना चाहता था। वह पिछले पांच सालों ने बीएसए कार्यालय और आला अफसरों के चक्कर लगा रहा था। मगर नौकरी नहीं मिली। मंगलवार सुबह दिवाकर आत्मदाह करने के इरादे से बीएसए कार्यालय पहुंचा, जहां उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पीछे से उसकी मां माया देवी, बड़ा भाई सर्वेश और पत्नी अर्चना शर्मा भी आत्मदाह करने इरादे से बीएसए कार्यालय जा पहुंची। पुलिस ने तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइंस थाने में चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद चारों को जेल भेज दिया गया।
उधर, डीएम के निर्देश पर इस मामले में जांच शुरू हो गई है। दिव्यांग दिवाकर को अब तक नौकरी क्यों नहीं मिली। इसमें बीएसए कार्यालय की क्या लापरवाही रही, इन सारे बिंदुओं पर जांच की जा रही है। डीएम अनिता श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।