बिजलीघर वाले मंदिर में चल रही शिवमहापुराण कथा में बुधवार को निराला जी महाराज ने लोगों को अच्छे काम करने की सलाह दी। कहा-अच्छे काम करने से इंसान को पहचान मिलती है। मां-बाप का दिल दु:खाने वाले वाले चाहे जितना तीर्थ करलें या फिर भंडारे कराएं, लेकिन सब कुछ बेकार है। कथावाचक निराला जी महाराज ने शिव की कथा से जुड़ा गणेश भगवान का वृतांत सुनाया। कहा- चित्र (रूप) भले ही अच्छा हो लेकिन चरित्र अहमियत रखता है। चरित्र से ही समाज में इंसान को यश और कीर्ति मिलती है। भगवान गणेश रूप के बजाय गुणवान और बुद्धिमान हैं। इसी कारण प्रथम पूजा भगवान श्री गणेश जी की होती है। ऐसे ही मां-बाप का स्थान सर्वोपरि है। उनकी इच्छा के विपरीत जाने वाले को सुख की अनुभूति नहीं होती। सुख और समृद्धि के लिए इंसान को सबसे पहले अपने मां-बाप का कहा मानना चाहिए। उनके प्रति अनादर भाव रखने वाले को तीर्थाटन और भंडारों का पुण्य भी अर्जित नहीं होता।
शिवमहापुराण कथा में उन्होंने इंसानियत का महत्व भी समझाया। कहा- अच्छा इंसान वही है जो दूसरों के सुख और दु:ख को समझे। लोगों की भलाई से सराबोर कार्य करते रहने से जो पुण्य मिलता है, वह लाखों रुपये दान में देने पर भी नहीं मिल पाता। जीवों पर दया करो और पेड़-पौधों की रक्षा करो, जीवन का एक सार यह भी होना चाहिए। कथा की व्यवस्थाओं में राजेश बाबू, अमितानंद महाराज, भुवनेश माहेश्वरी, भूपराम, दीपक मिश्र, मोहित दुबे, शिवम शर्मा, मोहित शर्मा, हरीओम शर्मा और राजीव कुमार आदि का सहयोग रहा।
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दुर्लभ अवसर है शिव और पार्वती का मिलन: साध्वी सौम्या
बदायूं क्लब में श्री शिव कथा का पांचवें दिन उमड़े श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से बदायूं क्लब में चल रही सात दिवसीय श्री शिव कथा के पांचवें दिन अशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सौम्या भारती ने कहा कि शिव और पार्वती का मिलन दुर्लभ अवसर है। आज का मानव वास्तविक लक्ष्य से अनभिज्ञ है। मननशील प्राणी होने के बाद भी मानव इस पर विचार नहीं करता। संसार का ज्ञान रखने वाला प्राणी ही शिव-पार्वती के रहस्य को समझ सकता है।
यही स्थिति हिमाचल में हिमवान और मैना की है। अपनी ही बेटी के रूप में द्वार पर खड़े भगवान शिव को वह पहचान नहीं सके। मानव भी आज अपने भीतर बैठे परमात्मा को नहीं देख पा रहा। इसी वजह से वह दुखी और अशांत है। सृष्टि का अटल नियम है कि परमात्मा रूपी तत्व का ज्ञान किसी को तभी होता है जब उसके जीवन में गुरु आता है। जिस तरह अंधेरा होने की वजह से हम पथ से भटक जाते हैं उसी तरह बिना गुरु के भी हमें ईश्वर का ज्ञान नहीं होता। इस मौके पर गजेंद्र सिंह पटेल, राजीव मिश्रा, मधु चंद्रा, पूनम गुप्ता, सतीश शर्मा शर्मा, मंजुला शंखधार, राजेश मौर्य, शेर सिंह गंगावार, अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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