खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन में लापरवाही
आधी-अधूरी तैयारी के साथ शुरू किया गया खाद्य सुरक्षा अधिनियम का क्रियान्वयन प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद भी पूर्णत: सफल नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र में 60 प्रतिशत से भी कम परिवारों का अब तक कवरेज हुआ है। अभी तक आधे परिवार कार्ड पाने से वंचित हैं। इसीलिए राशन न मिलने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रत्येक कार्ड धारक को प्रति यूनिट पांच किलो अनाज मिलेगा, जिसमें उससे तीन रुपये प्रति किलो चावल और दो रुपये की दर से गेहूं के दाम वसूले जाएंगे। इसके लिए पूर्व में सर्वे कराकर कार्डों का वितरण करके एक मार्च से योजना लागू भी हो गई। एक तो जो कार्ड अथवा उनके डुप्लीकेट दिए जा रहे हैं। उनमें नाम किसी का और कार्ड किसी का व यूनिट की संख्या में तमाम तरीके की त्रुटियां हैं। एसडीएम ओपी तिवारी की मानें तो अब तक 60 प्रतिशत से कम परिवारों को कार्ड प्राप्त हुए हैं। हालांकि, एसडीएम और पूर्ति विभाग के अधिकारी इस योजना को लागू कराने के लिए मेहनत कर रहे हैं। रोजाना ही दो-चार गांव में जाकर अपने सामने राशन का वितरण करा रहे हैं। इस योजना से संबंधित जानकारी भी मौखिक के अलावा गांव में जगह-जगह वाल पेटिंग कराकर दे रहे हैं।
जिन परिवारों को कार्ड नहीं मिले हैं, वे ऑनलाइन आवेदन करें। 15 दिन के अंदर कार्ड उन्हें प्राप्त हो जाएगा, लेकिन पात्रता की श्रेणी में आने वाले ही लोग आवेदन करें।
- ओपी तिवारी, एसडीएम, दातागंज
इस योजना के तहत जिन लोगों के पास ट्रैक्टर, चार पहिया वाहन और 100 वर्ग फुट का मकान, शस्त्र लाइसेंस, ग्रामीण इलाके में दो लाख रुपये से अधिक और शहरी इलाके में तीन लाख रुपये से अधिक आय हो तो वो पात्रता की श्रेणी में नहीं आएंगे। शहरी क्षेत्र में 64 प्रतिशत और देहात में 80 प्रतिशत लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
-संजय चौधरी, पूर्ति निरीक्षक, दातागंज