बदायूं। जिले के 39 राजकीय इंटर काॅलेजों में 519 शिक्षकों का काम महज 164 अध्यापक देख रहे हैं। वहीं, 13 में तो प्रधानाचार्य ही नहीं हैं।
जिले में बालकों की शिक्षा के लिए राजकीय इंटर कॉलेज संचालित हैं। एक दौर में इस कॉलेज में आसानी से प्रवेश नहीं मिलता था। इसके लिए लोग मंत्रियों और सांसदों तक से सिफारिश कराते थे। आज नौबत यह है कि यहां छात्र प्रवेश लेना नहीं चाहते हैं। इसकी वजह अध्यापकों की कमी है। वहीं, कई विषयों के अध्यापक हैं ही नहीं।
जिले में आठ राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हैं। राजकीय बालिका इंटर काॅलेज के अलावा अन्य विद्यालयों में 50 से 100 के बीच ही छात्राएं हैं। तीन राजकीय बालिका इंटर काॅलेजों को छोड़कर कहीं प्रधानाचार्य नहीं हैं। अध्यापिकाओं को ही प्रभारी बनाया गया है। वहीं, जिले में 39 प्रधानाचार्य पद हैं, लेकिन तैनाती केवल 15 की है।