बदायूं। नगर पालिका ने तो अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह आंखें मूंद ली हैं। यही वजह है कि शहर की जनता गंदगी, अतिक्रमण, जाम जैसी समस्याओं से घिरी जा रही है, लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। शहर के बाजारों में कई दुुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। जितनी दुकान अंदर है, उससे कई-कई फुट आगे सामान सजा रखा है, लेकिन पालिका केे कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से उन्हें यह दिखाई नहीं देता। जनता परेशान हो तो होती रहे, पालिका को क्या। ऐसे में अब शहर को कुछ दुकानदारों के अतिक्रमण से मुुक्ति दिलाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। इसी क्रम में मंगलवार को पहले दिन छह ठेलों और सात दुकानदारों के चालान किए गए, यह वे थे जिन्होंने सड़क घेर रखी थी।
लगातार वाहनों की संख्या बढ़ने और अतिक्रमण होने से आज शहर की दशा इस कगार पर पहुंच गई है कि हर तिराहे-चौराहे पर जाम लगने में समय नहीं लगता। जनता की यह समस्या ‘अमर उजाला’ पिछले कई दिनों से उठा रहा है। जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर पालिका भले ही नहीं जग पाई हो, लेकिन पुलिस ने अब शहर में नई यातायात व्यवस्था लागू की है। व्यस्त सड़कों पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होगा। अगर फुटपाथ घेरा तो कार्रवाई तय है। दुकान या ठेले का चालान भी हो सकता है।
शहर कोतवाल ओमकार सिंह ने नई यातायात व्यवस्था की शुरुआत सोमवार से कर दी। पहले दिन उन्होंने कचहरी तिराहे से लेकर लावेला चौक और अन्य मार्गों का हाल देखा। कई जगह फुटपाथ पर दुकानों के काउंटर लगे पाए गए, तो कई दुकानों का सामान फुटपाथ पर रखा मिला। उन्होंने न सिर्फ दुकानदारों को चेतावनी दी बल्कि फुटपाथ खाली भी कराया। इसी क्रम में मंगलवार को नेहरू चौक पर अभियान चलाया गया। पुलिस ने एक-एक दुकान के आगे का फुटपाथ चेक किया। इस दौरान करीब सात दुकानों का सामान फुटपाथ पर रखा मिला, जबकि छह ठेले वाले सड़क पर अपना सामान बिक्री करते हुए मिले। पुलिस ने ठेले वालों का पांच-पांच सौ रुपये का चालान किया। जिन दुकानदारों का कम सामान फुटपाथ पर रखा था, उनका एक-एक हजार रुपये का चालान किया गया। जबकि जिन दुकानदारों का पूरा सामान फुटपाथ या सड़क पर रखा मिला उनका दो-दो हजार रुपये का चालान किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। एक दुकानदार से शुरू हुए अभियान की चर्चा धीरे-धीरे पूरी मार्केट में हो गई। इससे अधिकतर दुकानदारों ने अपना नंबर आने से पहले ही फुटपाथ खाली कर दिया। अपराह्न करीब तीन बजे तक चले इस अभियान से मार्केट का फुटपाथ काफी हद तक खाली हो गया। पुलिस ने दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे अपने दायरे में रहें, अतिक्रमण किया तो दुकान का चालान अवश्य होगा।
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बड़े बाजार में नहीं जाएंगे टेंपो-ई रिक्शा
शहर की व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने एक और प्लान लागू किया है। कहा है कि अब छह सड़का से बड़ा बाजार की ओर कोई भी ई-रिक्शा और टेंपो नहीं जाएगा। अगर कोई थ्री व्हीलर या फोर व्हीलर बाजार में घूमता दिखाई दिया तो उसका भी चालान किया जाएगा।
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इन स्थानों पर लगता है जाम
शहर में वास्तव में ट्रैफिक व्यवस्था का बुरा हाल है। कई स्थान ऐसे हैं, जहां हर समय जाम लगा रहता है। इनमें कचहरी तिराहा, पुलिस लाइन चौराहा, इंदिरा चौक, लावेला चौक, कश्मीरी चौक, छह सड़का, जालंधरी सराय चौराहा, लालपुल, दातागंज तिराहा आदि स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
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कई इलाकों में अब भी फुटपाथ पर चल रहीं दुकानें
शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जहां सिर्फ फुटपाथ पर दुकानें चल रहीं हैं। इनमें चूना मंडी पहले नंबर पर है। लोगों को पैदल निकलने तक कोई जगह नहीं बची है। इससे पहले पालिका प्रशासन ने उन जगह पर अतिक्रमण हटवाया था, जहां रोड काफी चौड़े थे। पालिका प्रशासन का कभी चूना मंडी में जोर नहीं चला। इसी तरह गांधी ग्राउंड के दोनों मार्गों पर अतिक्रमण है। एक रास्ता वाहनों ने घेर रखा है। दूसरे रास्ते पर दुकानें चल रहीं हैं। टिकटगंज मोहल्ले का भी कुछ इसी तरह का हाल है।
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बीमार और बुजुर्गों को मिले राहत तो बने बात
कहते हैं कि पुलिस लोगों के चेहरे देखकर सच और झूठ का पता लगा लेती है, अपनी इस खूबी का प्रयोग पुलिस को इस जगह पर करना चाहिए। शहर को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाना अच्छी पहल है लेकिन इसमें पुलिस का उन लोगों का भी ध्यान रखना होगा जो बीमार और बुजुर्ग हैं। यदि उन्हें थोड़ी छूट मिलेगी तो वे राहत महसूस करेंगे, लेकिन इसमें पुलिस को केवल ऐसे ही लोगों को रियायत देनी होगी। शहर के बुजुर्ग समाजसेवी सरदार भगत सिंह समेत कई बुजुर्गों का कहना है कि इस बारे में पुलिस को सोचना चाहिए। सरदार भगत सिंह ने बताया कि वह कई दिनों से चलने फिरने में असमर्थ हैं। मंगलवार को वह मढ़ई चौक से महज पांच सौ कदम पर टेंपो से जा रहे थे तो मढ़ई चौक पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उनसे अभद्रता की और जाने से रोक दिया, जबकि वह अपने बीमार होने की दुहाई देते रहे। उनका कहना है कि पुलिस को बीमारों को तो रियायत देनी ही चाहिए।
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शहर में नया ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। इसके तहत सबसे व्यस्त मार्ग और उनके फुटपाथ खाली कराए जाएंगे, कोई भी दुकानदार या ठेले वाला अतिक्रमण करते हुए मिला तो उसका चालान किया जाएगा। इससे ट्रैफिक व्यवस्था में काफी हद तक सुधार आएगा। -ओमकार सिंह, इंस्पेक्टर, कोतवाली