पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर एकजुट हुए कर्मचारी
बदायूं। केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए राज्य कर्मचारियों ने अलग-अलग जगहों पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार विरोधी नारेबाजी की। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी, हेल्थ वर्कर, आंगनबाडी वर्कर ने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया, वहीं एसबीआई को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उप्र लोक निर्माण विभाग के बैनर तले कर्मचारियों ने लोनिवि परिसर में धरना प्रदर्शन किया। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र मोहन सक्सेना ने कहा कि सरकार को तानाशाही छोड़कर कर्मचारियों की भावना को समझना चाहिए, क्योंकि सरकार के हाथ पैर अधिकारी और कर्मचारी ही होते हैं। उनके बिना कोई भी काम नहीं किया जा सकता। ऐसे में सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़ देनी चाहिए। इस मौके पर संतोष शर्मा, मानव शर्मा, राजीव सिंह राठौर, रामनरेश आदि मौजूद रहे। इधर मिनिस्टीरियल एसोसिएशन, सिंचाई विभाग ओर से नलकूप प्रथम पर कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सक्सेना ने कहा कि अब प्रदेश में यह नारा चरितार्थ होगा कि जो पेंशन की बात करेगा, वहीं देश पर राज करेगा। कहा कि पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी है। इससे सरकार को हर हाल में बहाल करना होगा। इस मौके पर ललतेश कुमार, स्वप्नदीप, संजीव कुमार, उर्वेश, रमेश, श्यामबाबू, मुकेश आदि मौजूद रहे। हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया। इस मौक पर पुष्पेंद्र सिंह, मनोज सरीन, बनवारी लाल, मनोज कुमार यादव, अनुज शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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मालवीय आवास गृह पर किया प्रदर्शन
उप्र आंगनबाड़ी श्रमिक संघ की ओर मालवीय आवास पर धरना प्रदर्शन किया गया। ऑल इंडिया महिला फेडरेशन की प्रदेेश महा सचिव डॉ. निशा राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री की जुमलेबाजी बहुत हो गई, आखिर वह आंगनबाड़ियों को सम्मानजनक मानेदय कब देंगे। अगर जल्द ही आंगनबाड़ियों, आशाओं, रसोइयों का मानेदय नहीं बढ़ाया गया तो वो दिन दूर नहीं जब सत्ता पर किसी और को राज हो। किसान नेता राजेश सक्सेना ने कहा कि योगी, मोदी ने इन गरीबों से झूठ बोलकर छला है। बंधुआ मजदूरों से भी खराब हालत हो गई है। इस मौके पर मिथलेश, प्रेमवती वर्मा, कामरेड ब्रजभान सिंह आदि मौजूद रहे। --
बैंक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
सर्व यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन, यूपीजीबी इंपलाइज यूनियन के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। सभा को संबोधित करते हुए महामंत्री अजय कुमार सक्सेना ने कहा कि दैनिक वेतन पर कार्य कर रहे/ अस्थायी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को स्थायी करने की नीति की घोषणा की जाए। बैकिंग उद्योग के अनुसार ही सभी भत्ते, सुविधाएं, सेवा शर्त की समानता प्रदान की जाए। इधर पंजाब नेशनल बैंक के गेट पर ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने नारेबाजी की। संगठन मंत्री मंजर फरशोरी ने कहा कि 2017 से लंबित वेतन वृद्धि, बैंकों का निजीकरण एवं विलय, कारपोरेट घरानों को दिए गए लोन की वापसी के लिए सख्त कदम उठाए जाए। साथ ही बैंकों में भर्तियों पर रोक को हटाया जाए। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ेगा। शिव कुमार, ओमपाल, मुकेश, हरिओम पटेल, सुनील कुमार, उदयवीर, श्यामपाल शामिल रहे।
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बैंकों की हड़ताल से लोग रहे परेशान
बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण लेनदेन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, खासकर देहात क्षेत्र से आने वाले लोग ज्यादा परेशान हुए। कई लोगों को तो हड़ताल के बारे में पता तक नही था। ये लोग बैंकों के गेट पर परेशान देखे गए।