एनजीओ के हाथों में
पहुंचा मिड-डे मील
बदायूं। अब तक जिले में मिड-डे-मील बनाने का काम प्रधानाचार्यों की देखरेख में किया जा रहा था। पर पिछले दिनों माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य ने एमडीएम बनाने से असमर्थता जाहिर करते हुए डीएम को ज्ञापन दिया था। इसमें उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षा में व्यस्त होने की बात कही थी। इस पर डीएम ने एमडीएम का काम एनजीओ को देने के निर्देश दिए हैं।
सात फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही है। चयनित केंद्रों के प्रधानाचार्य और प्रबंधक बोर्ड की तैयारियों में जुट गए है। ऐसे में एमडीएम की ओर प्रधानाचार्य ध्यान नहीं लगा पा रहे है। इससे एमडीएम की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। इसको लेकर उप्र प्रधानाचार्य संगठन, उप्र सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी दो जनवरी को डीएम दिनेश कुमार सिंह से मिले। उन्होंने डीएम को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर शुक्रवार को एमडीएम का संचालन प्रधानाचार्यों से हटाते हुए एनजीओ को देेने के निर्देश दिए। इससे प्रधानाचार्यों ने राहत की सांस ली है।
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एमडीएम को लेकर प्रधान संगठन ने दिया ज्ञापन
बदायूं। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में एमडीएम की स्थिति बहुत दयनीय है। पहले रजिस्टर्ड छात्रों की संख्या का 75 प्रतिशत कंवर्जन कॉस्ट और राशन प्राप्त होता था, लेकिन अब छात्रों की संख्या का 52 प्रतिशत ही दिया जा रहा है। ऐसे में एमडीएम बन पाना बेहद ही मुश्किल हो गया है। इस मौके पर सोहनपाल साहू, सूरजपाल, मनोज कुमार वर्मा, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।