बदायूं। वेतन न मिलने से परेशान सहायक अध्यापक बुधवार को डीएम और बीएसए से मिले। उनका कहना है कि विभागीय कर्मियों की लापरवाही की वजह से उनके कागजों का सत्यापन नहीं हो पाया, जिससे वेतन नहीं मिला है।
शासन की ओर से जुलाई 2016 में 15 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती की गई थी। सभी अभ्यर्थियों ने उसी वक्त अपने सभी प्रमाण पत्रों का कार्यालय में जमा कर दिए थे। इसके बाद में विभाग की ओर से समय-समय पर अभिलेखों की जांच कराई जा रही थी। उनके कौन से अभिलेखों की जांच पूरी हो गई। कौन से अधूरे रह गए, इसके बारे में विभाग की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। क्योंकि यह विभागीय गोपनीय कार्यवाही थी। ऐसे में सितंबर 2018 में उनका वेतन रोक दिया गया। जब पता किया तो बताया कि उनके सभी प्रमाण पत्रों की जांच पूरी हो गई है। बस बीटीसी/ विशिष्ट बीटीसी की जांच पूरी नहीं हो पाई है। इस वजह से डीएम ने उनके वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। सहायक अध्यापकों ने डीएम से मांग की है कि उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन सचिव कार्यालय से न भेजे जाने की स्थिति में जिलास्तरीय अधिकारी से करा दिया जाए। ताकि हमारी वेतन प्रक्रिया बीच में न रुके। क्योंकि अन्य जनपदों से आए अध्यापकों के आगे आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। इस मौके पर मोहित, विशाल, कुसुम, प्रेमलता, विजयश्री, दिवाकर आदि मौजूद रहे।