नए इन्वेस्टर्स पर हुई सरकार मेहरबान, तेजी से हो रहे काम
डीएम के प्रोत्साहन से मिली ताकत
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। लखनऊ में पिछले दिनों हुई इन्वेस्टर्स समिट में बदायूं के भी उद्यमी भी शामिल हुए थे। वहां से लौटने के बाद में उद्यमी अपने-अपने उद्योगों को स्थापित करने में लग गए। हालांकि में बीच में विभागों की एनओसी के लेने में दिक्कत आयी थी लेकिन शासन और जिला प्रशासन के सहयोग से वह दूर हो गई। उद्योग स्थापित करने का काम तेजी से आगे बढ़ गया।
पहले जिले में कोई भी नया उद्योग शुरू करना व्यापारियों के लिए किसी जोखिम भरे काम से कम नहीं था। नए उद्योग खोलने में जहां पर व्यापरियों को अपनी रकम फंसानी पड़ती है। वहीं कई विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र(एनओसी) लेनी पड़ती थी। एनओसी लेने के लिए व्यापारियों को विभागों के बेवजह पता नहीं कितने चक्कर लगाने पड़ते थे। कई जगह चढ़ावा भी देना पड़ता था। इसके बाद जाकर उन्हें विभागों से एनओसी मिल पाती थी। इस बीच कई माह निकल जाते थे। इन सब से बचने के लिए कई उद्यमियों ने नया काम शुरू ही नहीं किया।
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इन्वेस्टर्स समिट की बैठक की। इसमें उद्यमी ने अपनी बात रखी जिसका समाधान किया गया। वहां से लौटने पर जिला प्रशासन के सहयोग से उद्यमियों ने प्रोजेक्ट लगाने का काम शुरु किया।
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लखनऊ से हो रही मॉनीटरिंग
लखनऊ गए नए उद्यमियों पर वहीं से लगातार मॉनीटरिंग हो रही थी। वहां से हर सप्ताह में फोन उद्यमी पर आते थे। जो प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट और दिक्कतों के बारे में जानकारी लेते थे।
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क्या बोले उद्यमी
डीएम ने किया समस्याओं का समाधान
शहर में जोगीपुरा रोड पर एक शॉपिग मॉल, मल्टी सिनेेमा घर बनाने का काम चल रहा है। कोई समस्या नहीं आए, इसके लिए डीएम दिनेश कुमार सिंह बीच-बीच में उद्यमी की बैठक लेते रहते थे। एक दो विभाग में एनओसी जल्द ही नहीं मिली थी। इसके बारे में बताया था, समय रहते समस्या का समाधान हो गया।
- प्रतीष गुप्ता
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लखनऊ से हर हफ्ते दो बार आता था फोन
लखनऊ जाने से काफी फायदा मिला। हर हफ्ते में दो बार फोन आता था। समस्याओं के बारे में पूछते थे। अग्निशमन समेत कुछ विभाग एनओसी देने में आनाकानी कर रहे थे। फोन पर बताने के बाद सब ठीक हो गया। बदायूं में जो उद्यमी आगे बढ़ पाए हैं। उसकी बड़ी वजह डीएम है।
-मनोज गोयल