अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई, इसमें राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज के बच्चे शामिल हुए। बच्चों को एसएसपी अशोक कुमार और महिला थाना एसओ शर्मिला शर्मा ने साइबर क्राइम, ट्रैफिक नियमों और वूमेन हेल्पलाइन और पावर एंजिल्स के बारे में बताया। एसएसपी ने छात्राओं से कहा कि कोई यदि उन्हें परेशान करें तो डरें नहीं, बल्कि पुलिस को बताएं।
पुलिस पाठशाला का शुभारंभ सुबह करीब 12 बजे एसएसपी अशोक कुमार ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस प्रकार सोशल मीडिया का क्रेज बढ़ रहा है। यह चिंता का विषय है। बच्चे ही नहीं बल्कि हर वर्ग इसकी चपेट में हैं। छात्राओं को इसके इस्तेमाल को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगर उन्हें कोई परेशान करता है तो वे डरें नहीं पुलिस को बताएं। पुलिस सदैव सेवा में तत्पर है। उन्होंने छात्राओं से वूमेन हेल्पलाइन संबंधी कुछ सवाल किए तो उन्होंने बेबाकी से उत्तर दिए। इसके बाद विशिष्ट अतिथि महिला एसओ शर्मिला शर्मा ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि शोहदों को सबक सिखाने के लिए पहले ही 1090 और एंटी रोमियो स्क्वॉड का गठन किया गया है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि अगर कोई भी शोहदा कॉलेज के बाहर परेशान करता है तो तत्काल 100 नंबर पर कॉल कर इसकी शिकायत करें। अगर फिर भी कोई रेस्पांस नही मिलता है तो एंटी रोमियो के टोल फ्री नंबर पर कॉल करें तत्काल महिला पुलिस मौके पर पहुंचकर शोहदे को सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि अपना आत्मविश्वास कायम रखें, फेसबुक पर किसी भी अंजान व्यक्ति से बात न करें और न ही अपने फोटो पोस्ट करें। पुलिस विभाग की ओर से विद्यालय में 18 वर्ष से अधिक उम्र की छात्राओं को शक्ति परी बनाया गया है। इन छात्राओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि अगर कॉलेज के बाहर कोई भी शोहदा किसी भी छात्रा से अभद्रता करता है तो वे तत्काल पुलिस को सूचना देगी। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रणवीर सिंह ने एसएसपी और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य अल्पना कुमार ने महिला एसओ को प्रतीक चिह्न दिया। इस मौके पर एंटी रोमियो स्कवायड की दूसरी टीम लीडर संगीता यादव भी मौजूद रहीं।
‘बेटियों को चढ़ने दो बुलंदियों की चढ़ाई’
एसएसपी अशोक कुमार ने कहा कि आज भी समाज में लैंगिक असमानता पूरी तरह से दूर नहीं हुई है। यह दूषित सोच ही बेटियों की तरक्की में आड़े आ रही है। अभिभावकों से अपील है कि बेटियो की ख्वाहिशों का गला न घोंटें उनका मनोबल बढ़ाएं ताकि वे बुलंदियों की चढ़ाई चढ़ सकें। किसी भी युग में महिलाएं पुरुषों की तुलना में कमतर नही रही हैं तो फिर समाज उन्हें कमतर क्यों आंकता है।
‘कोई गलत इरादे से घूरे भी तो करें विरोध’
महिला एसओ शर्मिला शर्मा ने कहा कि अगर आपके घर में आपके भाई का दोस्त भी आता है तो उससे भी सतर्क रहने की जरूरत है। भगवान ने महिलाओ को ही यह हुनर बख्शा है कि वह होने वाली घटनाओं को पहले ही भांप लेती हैं। अगर आपके भाई का दोस्त का नजरिया आपके प्रति ठीक नहीं है तो तत्काल परिजनों से उसकी शिकायत कर इसका विरोध करें।