बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली से हर कोई वाकिफ है। शुक्रवार को यहां शिक्षिकाओं और विभागीय कर्मचारियों के बीच तकरीबन एक घंटे तक रार मची रही। वजह थी कि 17 जून को शासन की ओर से किए गए शिक्षकों के अंतर जनपदीय तबादले को लेकर शुक्रवार को बीएसए कार्यालय में काउंसलिंग होनी थी। इसके लिए सुबह 10 बजे का समय विभाग की ओर से नियत किया गया था। सभी 81 शिक्षिकाएं निर्धारित समय पर कार्यालय पर पंहुच गईं। शिक्षकाओं को बैठे-बैठे चार घंटे का समय बीत गया लेकिन काउंसलिंग प्रारंभ नहीं की गई। शिक्षकों ने विभागीय अधिकारियों से इस बाबत बात की तो उन्हें टाल दिया गया। इससे शिक्षकों का गुुस्सा फूट पड़ा। शिक्षक जब कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए काउंसलिंग का बहिष्कार करने की हुंकार भरने लगे तो विभागीय अधिकारियों ने आनन-फानन में काउंसलिंग प्रारंभ करा दी। तकरीबन एक घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद डीआईओएस/ बीएसए राममूरत ने फोन पर शिक्षिकाओं से बात कर शांत कराया। इस दौरान शिक्षिकाओं ने उन्हें बताया कि विभागीय कर्मचारियों ने सांठगांठ कर उनसे काउंसलिंग प्रारंभ होने से पूर्व ही मनमाफिक स्कूल फार्म में भरवा लिए। जिसका विरोध किया तो विभागीय कर्मचारियों ने उन्हें टाल दिया। इस सबंध में डीआईओएस/ बीएसए राममूरत का कहना है कि किन्हीं कारणों के चलते काउंसलिंग देरी से प्रारंभ हो सकी, जिसका शिक्षिकाओं ने विरोध किया था लेकिन उन्हें समझाकर शांत करा दिया गया।