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मछली पकड़ने गए दो बच्चों की तालाब डूबकर मौत

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फोटो-14, 15, 16
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तालाब में डूबकर दो बच्चों की मौत
मछली पकड़ने गए थे, चिकनी मिट्टी में फिसले, डर से भाग गए साथी बच्चे
गांव से आधा किलोमीटर दूर है तालाब, तहसीलदार पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
सिलहरी (बदायूं)। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम गुरुपुरी विनायक में सोमवार दोपहर तालाब में डूबकर दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ मछली पकड़ने गए थे। चिकनी मिट्टी की वजह से दो बच्चे फिसल गए और पानी में डूब गए। साथी बच्चों की सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों बच्चे तालाब से निकाले और जिला अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिवार वाले दोनों शव गांव ले गए हैं।
ग्राम गुरुपुरी विनायक निवासी ब्रहम सिंह का गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर तालाब है। ब्रहम सिंह उसी तालाब में मछली पालन करते हैं। सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव के राममूर्ति सिंह का 14 वर्षीय बेटा रोहित पटेल और आशीष पटेल की नौ वर्षीय बेटी राशि पटेल मोहल्ले के हर्षित, शानू, अनुराग, लवी, रचिका आदि बच्चों के साथ उसी तालाब में मछली पकड़ने के लिए पहुंचे थे। सभी बच्चे कपड़े उतारकर तालाब में घुस गए और मछली पकड़ने में लग गए।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रोहित और राशि मछली पकड़ते-पकड़ते काफी अंदर चले गए। अंदर तालाब में चिकनी मिट्टी थी। बच्चों को इस बारे में जानकारी नहीं थी। अनजाने में रोहित और राशि तालाब के किनारे से काफी अंदर पहुंच गए, जिससे दोनों के पैर फिसल गए और दोनों पानी में डूबने लगे। दोनों बच्चों को पानी में डूबते देखकर साथी बच्चों के हाथ-पांव फूल गए। वह तालाब से निकलकर गांव की ओर भाग खड़े हुए। इस दौरान उधर से एक बाइक सवार गुजर रहा था। उसने बच्चों को रोक कर कारण पूछा और गांव की ओर बाइक दौड़ा दी। गांव के बाहर मंदिर पर बैठे मिले ओमेंद्र, पंकज, सुभाष और गौरव को बाइक सवार ने घटना की जानकारी दी। जिस पर चारो लोग तालाब की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने तालाब में घुसकर दोनों बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी। तब तक साथी बच्चों की सूचना पर गांव से कई लोग और बच्चों के परिवार वाले पहुंच गए। ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को पानी में खोजकर बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने रोहित और राशि को मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चों की मौत की खबर सुनकर उनके परिवार वालों में कोहराम मच गया है। परिवार वालों ने उनके शव के पोस्टमार्टम नहीं कराए हैं। देर शाम को घटना की सूचना पर गांव पहुंचे सदर तहसीलदार ने मृतक के परिवार वालों को ढाढ़स बधाया। बच्चों के परिवार वालों को आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है।
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मां-बाप का इकलौता बेटा था रोहित
तालाब में डूबकर मरा रोहित अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसके पिता राममूर्ति सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है। मां पार्वती देवी गांव के जूनियर हाईस्कूल में रसोइया है। पिता के नाम मात्र आधा बीघा जमीन थी। मां के मानदेय और आधा बीघा जमीन से बमुश्किल घर का गुजारा हो रहा था। एक बड़ी बहन है, जिसका नाम महिमा उर्फ छोटी है। रोहित की मौत से मां-बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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परिवार की दुलारी थी राशि
ग्राम गुरुपुरी विनायक निवासी आशीष पटेल होमगार्ड हैं। उनके चार बच्चों में राशि सबसे छोटी थी। सबसे बड़ा बेटा 16 वर्षीय अभय पटेल, सोलह वर्षीय बेटी मोनिका, 14 वर्षीय लकी और राशि नौ साल की थी। घर में सबसे छोटी होने की वजह से परिवार वाले भी उसे बहुत प्यार करते थे।
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