बदायूं। डीएम बोल रहा हूं, बच्चे पैर छूते हैं या नहीं। यह जानकारी डीएम ने राजकीय इंटर कॉलेज में औचक निरीक्षण के दौरान बच्चों के घर फोन करके ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सवाल पूछे, लेकिन वह जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए। वहीं कॉलेज परिसर में गंदगी और छात्रों को बिना यूनिफार्म में देख नाराजगी व्यक्त की। प्रधानाचार्य रनवीर सिंह चौहान को कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए।
शनिवार को डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शहर के जीआईसी का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की शिक्षा व्यवस्था, भवन, परिसर को देखकर स्तब्ध रह गए। कॉलेज में कक्षा छह से 12 तक कुल 501 छात्र पंजीकृत हैं। इसमें लगभग 110 ही उपस्थित थे। जाड़े के कारण कई कक्षाएं परिसर में ही लगी हुई थीं। बच्चे जमीन पर बैठे हुए थे। डीएम कक्षा 11 में पहुंचे तो वहां जीव विज्ञान और गणित के बच्चे एक साथ बैठे हुए थे। वर्ग ए, बी, सी में 61 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें मात्र 16 ही मौजूद थे। शिक्षा व्यवस्था का स्तर परखने के लिए डीएम ने बच्चों से उनके पाठ्यक्रम में से ही कई सवाल किए, लेकिन जवाबों से वह संतुष्ट नहीं हुए। मानव जीवन में नैतिक शिक्षा तथा संस्कारों की जानकारी लेते हुए डीएम ने बच्चों से सुबह घर के बड़ों के पैर छूने की जानकारी ली। कक्षा 11 बी के छात्र रजत कुमार के घर फोन करके कहा मैं डीएम बोल रहा हूं, क्या आपका बच्चा सुबह अपने बड़ो के पैर छूता है। छात्र के चाचा ने पैर न छूने की जानकारी दी, तो डीएम ने कहा कि अभिभावक और गुरुजन मिलकर बच्चों में अच्छे संस्कार डालें। कॉलेज में प्राइवेट बस अड्डे की ओर टूटी चहारदीवारी को तत्काल बनवाने के निर्देश भी दिए। साथ ही कहा कि भवन की मरम्मत कराकर रंगाई-पुताई कराई जाए और कॉलेज को सुंदर बनाया जाए। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली मौजूद रहे।