बिसौली। जमीनों की ऑनलाइन रजिस्ट्री के खिलाफ मंगलवार को अधिवक्ता सड़क पर उतर आए रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला जड़ दिया। विरोध में करीब एक घंटे हाईवे जाम किया। एसडीएम को ज्ञापन देने के बाद अधिवक्ताओं ने जाम खोला।
जमीनों की रजिस्ट्री ऑनलाइन कर दी गई है। यहां तहसील परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में पिछले कई दिनों से बैनामों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसपर मंगलवार को अधिवक्ताओं के सब्र का बांधा टूट गया। गुस्साए अधिवक्ताओं और बैनामा प्रलेखकों ने इकट्ठे होकर रजिस्टी कार्यालय पर ताला जड़ दिया और खूब हंगामा किया। इसके बाद अधिवक्ता और बैनामा प्रलेखक जुलूस के रूप में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जा पहुंचे और जाम लगाकर हंगामा करने लगे। इससे दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी लाइन लग गईं। अधिवक्ताओं का कहना था कि 26 अक्तूबर से जमीन की रजिस्टी आनलाईन शुरू हुई है। इससे पहले प्रतिदिन 30-40 बैनामों का पंजीकरण होता था। मगर वेबसाइट न चलने और कनेक्टिविटी की समस्या के चलते पांच दिनों में मात्र छह बैनामों का पंजीकरण हो पाया है। 50-60 बैनामे बिना रजिस्टी के कार्यालय में रखे हैं, जिससे किसान और अधिवक्ता लगातार परेशान हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि सात मंडलों में सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। साइट सही नहीं चल रही है इसलिए सरकार को यहां भी ऑन लाइन रजिस्ट्री पर रोक लगाना चाहिए। करीब एक घंटे के जाम लगाने के बाद एसडीएम मो. अवेश और सीओ मुन्नालाल मौके पर पहुंचे। उन्हें अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इसके बाद एसडीएम के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया। इस अवसर पर संजीव यादव, दिवाकर शर्मा, गजेंद्र यादव, कमर अब्बास, गिरीश शर्मा आदि अधिवक्तागण व अजय कुमार, संग्राम सिंह, वेदप्रकाश, शशिकांत शर्मा, राजीव कुमार, अनमोल कुमार, मलखान राम, आदि बैनामा प्रलेखक मौजूद रहे।