अमर उजाला ब्यूरो
कादरचौक।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकलांग शब्द खत्म करके उसे दिव्यांग नाम दिया है। मगर बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों को अब भी विकलांग शब्द ही पढ़ाया जा रहा है। वजह यह कि अब तक बेसिक शिक्षा विभाग की किताबों से विकलांग शब्द हटाया ही नहीं गया।
कक्षा आठ की किताब में हमारा इतिहास और नागरिक जीवन के पाठ पांच में विकलांगता का कारण एवं बचाव नाम का पाठ है। इसमें कई बार विकलांग शब्द का इस्तेमाल हुआ है। जबकि प्रधानमंत्री ने मन की बात में भी दिव्यांगजनों को विकलांग कहना अनुचित बताया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकलांग कल्याण विभाग का नाम बदलकर दिव्यांग जनसशक्तिकरण विभाग कर दिया। नई किताबें तो सिर्फ नाम की हैं। यह सरकार के आदेशों की अवहेलना और दिव्यांगों के प्रति असंवेदनशीलता है।
बीएसए प्रेमचंद्र यादव का कहना है कि इस बारे में शासन को लिखा जाएगा ताकि भविष्य में पुस्तकों में विकलांग की जगह दिव्यांग शब्द का प्रयोग हो सके।