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‘अपराजिता रहने को सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी’.

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उझानी (बदायूं)। अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उन्हें दवाएं मुहैया कराई गईं। डॉ. हिना सबदर ने महिलाओं से जुड़ी बीमारियों से बचाव के टिप्स दिए। जागरूकता के तहत आयोजित गोष्ठी में एसीएमओ डॉ. मंजीत सिंह और अन्य वक्ताओं ने आशा वर्करों समेत ग्रामीण महिलाओं को सेहत का ख्याल रखनेेे के लिए कहा। कहा कि समाज में अपराजिता रहनेेे के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूती भी आवश्यक है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अपराजिता कार्यक्रम की शुरुआत में एसीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने कहा कि समाज के प्रति महिलाओें के योगदान को कम करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के संबंध में सरकारी योजनाओं के बारे में बताया। डॉ. रमा मनराल ने महिलाओं की प्रमुख बीमारियों में खून की कमी को नुकसानदायक बताया। इसे दूर करने के लिए भोजन में हरी सब्जियां और नाश्ते मेें मौसमी फलों के इस्तेमाल करने पर जोर दिया। न्यू लिटिल एंजिल स्कूल की प्रधानाचार्य शशि भार्गव ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में अपराजिता कार्यक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को अपनेे हक की आवाज उठाने और उसे हासिल करनेे में संकोच नहीं करना चाहिए। श्री ब्राह्मण महिला समिति की अध्यक्ष प्रियदर्शनी भारद्वाज ने कहा कि महिला होने का मतलब यह नहीं कि गलत-सही में अंतर नहीं समझ पाओ। जीवन में तरक्की करते जाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। चिकित्साधीक्षक निरंजन सिंह, रेहान और अमिता शर्मा ने भी विचार रखे।
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महिलाओं ने कराया चेकअप, दवाएं भी मिलीं
उझानी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे शिविर में करीब 40 महिलाएं पहुंचीं। चिकित्साधिकारी डॉ. हिना सबदर की देखरेेख में पहले चेकअप कराया गया फिर जरूरी दवाएं मुहैया कराई गईं। ज्यादातर महिलाओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से आयरन की गोलियां दी गईं। इसके अलावा उन महिलाओं का भी इलाज किया गया जो मौसमी बीमारियों की चपेट में थीं।
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महिलाओं को भी सजग रहने की जरूरत
समाज में महिलाओं का भी प्रमुख स्थान होता है। उन्हें भी बराबरी करने का अधिकार है लेकिन कुछ लोग महिलाओं को पीछे धकेलने की कोशिश करते हैं।
-मीरा यादव
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स्वास्थ्य ठीक तो सबकुछ अच्छा
महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति सजग रहना चाहिए। स्वास्थ्य ही ठीक नहीं होगा तो बुराइयों का मुकाबले कैसे किया जाएगा।
- श्रद्धा मिश्रा
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जागरूकता से आई अपराधों में कमी
जागरूकता की वजह से पिछले कुछ समय से अपराधों में कमी आई है। महिलाओं से जुड़े मामलों में लोगों का नजरिया भी बदला है। सोच में भी बदलाव लाना होगा।
-पल्लवी
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गांवों में जागरूकता की कमी
ग्रामीण क्षेत्र में महिला सुरक्षा और शिक्षा को लेकर फिलहाल पूरी तरह से जागरूकता का माहौल नहीं बन पाया है। जागरूकता से ही समाज को नई दिशा मिलेगी।
- श्यामा देवी
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