बदायूं। प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को राहत देने के लिए यूरिया के दामों पर कमी की गई, ताकि किसानों पर जो बोझ पड़ रहा है, उसमें कुछ हद तक उसे राहत मिल सके। निर्देश मिलने के बाद प्रशासन की ओर से सभी दुकानदारों को साफ निर्देश दिए गए कि वे नए दामों पर किसानों को खाद उपलब्ध कराएं, लेकिन इसके बावजूद प्राइवेट दुकानदार किसानों को मनमानेे दामों पर खाद बेच रहे हैं। जरूरत की वजह से बेबस किसान महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। रबी का सीजन चल रहा है, ऐसे में किसानों को फसल में लगाने को यूरिया की बेहद जरूरत है, लेकिन पिछले दिनों जिले में तीन करोड़ रुपये के यूरिया खाद घोटाले की वजह से कई गोदाम बंद हो गए। इस वजह से समितियों पर खाद नहीं पहुंच सकी। इस वजह से खाद की किल्लत और अधिक बढ़ गई। प्राइवेट दुकानदारों ने मौके की नजाकत को भांपते हुए खाद के कट्टे महंगे दामों पर बेचने शुरू कर दिए। इसी बीच प्रदेेश सरकार की ओर से किसानों को राहत देते हुए खाद के कट्टों की कीमत कम कर दी गई। इसके बाद में इफको किसान सेवा केंद्रों पर नए रेट पर खाद मिलना शुरू हो गई, लेकिन प्राइवेट दुकानदारों ने अधिकारियों से सेटिंग कर खाद को पुराने रेट में बेचना जारी रखा। दुकानदारों को पता है कि सेटिंग के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकेगी, इसका वे फायदा उठा रहे हैं।
प्राइवेट हो या सरकारी सभी दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि पुराने रेट पर कोई भी खाद नहीं बेचे। शासन की ओर से जो नए रेट हैं, उन्हीं रेट पर खाद बेचनी होगी। अगर पुराने रेट पर खाद बेचते हुए कोई मिला, तो उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।
- विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी