‘भाजपा ने पांच साल का बजट खर्च किया, पर एक भी वादा पूरा नहीं किया’
बदायूं। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मैं अपनी पार्टी की ओर से इस अनुपूरक बजट का विरोध करता हूं। क्योंकि भाजपा ने चुनाव से पहले जनता से जो वादे किए थे, पांच बजट पूरे खर्च होने के बावजूद एक भी वादा पूरा नहीं किया है।
चुनाव से पहले कहा था कि किसानों का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना करेंगे, किसानों का कर्ज माफ करेंगे। भाजपा नेताओं ने संकल्प पत्र में कहा एक भी वादा पूरा नहीं किया। भाजपा के इस कार्यकाल में पूरे देश मे लगभग 60 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। आलू और प्याज का वाजिब मूल्य किसानों को नही मिल पा रहा है। गन्ना किसानों का 10 हजार करोड़ का भुगतान नहीं हुआ है। गन्ने का घोषित मूल्य 305 रुपये है, जबकि गन्ना किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक नहीं मिल पा रहा है। 50 लाख किसान हर साल खेती छोड़कर मजदूरी करने के लिए विवश हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार, आतंकवाद तथा नक्सलवाद जैसी समस्याएं खत्म हो जाएंगी, प्रधानमंत्री की इस कड़वी दवाई से 7 करोड़ से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए। किसानों के ट्रैक्टर पर जीएसटी 0. 28 प्रतिशत है, वहीं हीरे के व्यापार पर 0.25 प्रतिशत है। यूपीए सरकार में एफडीआई 49 प्रतिशत होने पर भाजपा नेता हंगामा करते थे। वहीं आज 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी दे दी गई है। जिसके परिणाम स्वरूप देश का खुदरा व्यापारी पूरी तरह से बर्बादी के कगार हैं। उज्ज्वला योजना के तहत जिन्हें सिलिंडर मिला था वे सिलिंडर का मूल्य 1000 से अधिक होने के कारण दोबारा रिफिल नहीं करा पाए हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में 1 लाख 72 हजार शिक्षामित्र बेरोजगार हो गए। यूरिया का 50 किलो का पैकेट 45 किलो का करके किसानों के साथ विश्वासघात किया गया है।