गंगा मैया की चरण रज माथे से लगाई और दोबारा आने की दुआ मांगकर रवाना हुए कल्पवासी
अब भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु मेेले में मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
मेला ककोड़ा। पतित पावनी गंगा के तट पर लगा मेला ककोड़ा धीरे-धीरे उखड़ने लगा है। कल्पवासियों ने रविवार को सुबह गंगा में डूबकी लगाई और सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूजा अर्चना की। मां गंगा की चरण रज माथे से लगाई और परिवार सहित निजी वाहनों से अपने घर को रवाना हो गए। इन कल्पवासियों में ज्यादातर दूर दराज से आने वाले हैं। हालांकि अब भी काफी संख्या में कल्पवासी गंगा तट पर रुके हैं। रविवार को भी मेला ककोड़ा में खरीदारी का सिलसिला जारी रहा। तंबुओं के घरों में रह रहे परिवारों की महिलाओं, बच्चों और बड़ों ने अपने-अपने तरीके से मौज मस्ती की।
रुहेलखंड का मिनी कुंभ मेला ककोड़ा 16 नवंबर से शुरू हुआ था। तभी से कल्पवासी गंगा तट पर पहुंचना शुरू हो गए थे। मुख्य स्नान के बाद प्रतिपदा होने की वजह से गंगा किनारे तंबुओं में कल्पवास कर रहे परिवार रुक गए थे। मान्यता है कि प्रतिपदा को गंगा स्थान कल्पवासियों के लिए करना जरूरी होता है। हालांकि कुछ कल्पवासी शनिवार को अपने घर चले गए थे। रविवार को घर लौटने वाले कल्पवासियों की संख्या ज्यादा रही। कल्पवासियों को जाते देख कुछ दुकानदार भी अपना सामान समेटने लगे हैं। हालांकि मेला ककोड़ा में झूले, चरखी और विभिन्न तरह की दुकानें अभी सजी हैं। आसपास गांवों में रहने वाले रोज मेले में जाकर मनोरंजन के साथ खरीदारी करते हैं।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, मिनी ट्रक, टाटा मैजिक, मैक्स, डनलप आदि वाहनों में गृहस्थी का सामान लौट रहे कल्पवासियों से मेला ककोड़ा को जाने वाली सड़कों का नजारा रविवार को कुछ अलग नजर आया। रविवार देर रात तक लोगों की घर वापसी जारी रही। लोगों के चेहरे पर मेले की थकान साफ झलक रही थी। वापसी में बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों में बैठे बच्चे पपीहा आदि बजाकर मौज मस्ती कर रहे थे। सभी की आंखों में गंगा किनारे के मनोरम दृश्य और मेले की चहल-पहल और कानों में शेर शराबा गूंज रहा था।
रात में स्काउट के बच्चों को पीटा
रात में खेल तमाशे की ओर लगे सौफ्टी की दुकान पर मेले में आए स्काउट के बच्चों के साथ अश्लील हरकतें करने से मना करने पर उपद्रवियों ने बच्चों की पिटाई कर दी। दो बच्चे घायल हो गए। जिन्हें मेला अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस नें मारपीट कर रहे ईषू पटेल को पकड़ लिया। बाकी अन्य लोग भाग गए। मेला पुलिस ने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
समय से पहले चली गई फ्लड पीएसी
मेले में जहां लोग अब भी हजारों की संख्या में स्नान करने के लिए गंगातट पर पहुंच रहे हैं। वहीं मेले में डूबने से बचाने के लिए लगाई गई फ्लड पीएसी इस बार समय से पहले ही चली गई। ऐसे में वहां की सुरक्षा व्यवस्था केवल स्थानीय गोताखोरो के सहारे ही रह गई है। हेड मल्लाह मुसाकिर के साथ गोताखोर स्नान करने जाने वालों को गहरे पानी में जाने से रोक रहे है।