बदायूं। जिले में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोग लगातार लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। वहीं लोगों को आधी-अधूरी दवाएं मिल रहीं हैं। इससे बुखार पीड़ितों के और भी बुरे हालात हो गए हैं। परिणामस्वरूप पिछले चौबीस घंटों में तीन और लोगों की बुखार से मौत हो गई।
गुलड़िया। संवेदनशील ब्लाक जगत के नगर पंचायत गुलड़िया में बुखार से एक महिला की मौत हो गई। भाजपा के युवा नेता सुरेंद्र सिंह मौर्य की पत्नी गुड्डी देवी (33) को गुरुवार रात नौ बजे बुखार आया था। परिवार वाले गुड्डी देवी को शहर ले जा रहे थे कि उसी दौरान रास्ते में मौत हो गई। इससे महिला के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
उसावां। विकास खंड म्याऊ क्षेत्र के ग्राम लभारी में शुक्रवार सुबह एक महिला की बुखार आने से मृत्यु हो गई। करीब 55 वर्षीय विद्यावती पत्नी जगन्नाथ पिछले चार दिन से बुखार से पीड़ित थीं। परिवार वाले सुबह महिला को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव में कई लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
आसफपुर। गुरुवार शाम स्थानीय कस्बा निवासी सत्यपाल यादव के 18 वर्षीय बेटे अमरदीप की तेज बुखार से मौत हो गई। अमरदीप को पिछले तीन दिन पहले बुखार आया था। परिवार वाले उसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे थे। गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं क्षेत्र के बुखार से हालात खराब हैं। लगातार स्वास्थ्य महकमे पर सवाल उठ रहे हैं।
मूसाझाग की स्थिति अब भी खराब
मूसाझाग। जगत ब्लाक क्षेत्र के ग्राम मूसाझाग में बुखार से स्थिति अब भी खराब है। गांव में अब तक फैल्सीपेरम के करीब दो सौ मरीज सामने आए हैं। करीब हफ्ता भर से यहां स्वास्थ्य कैंप लगा हुआ है। लगातार लोगों को दवाएं बांटी जा रहीं हैं और उनकी जांचें हो रही है। इसके बावजूद बुखार पर काबू नहीं हो सका है। बता रहे हैं कि बरसुनिया गांव में करीब 80 मरीज फैल्सीपेरम के निकले हैं। क्षेत्र में ओहले वायरल फीवर भी बताया जा रहा है। हालत यह है कि एक का बुखार ठीक होता है तो दूसरे को आ जाता है। स्थिति काबू में नहीं आ रही है। शुक्रवार को भी मूसाझाग गांव में डॉ. हेमेंद्र गंगवार, लैब टेक्नीशियन डॉ. अवधेश चौधरी, राकेश कुमार, रजनी देवी आदि मौजूद रहे।