बेटे की बारात से पहले पिता ने ट्रेन से कटकर जान दी
डेढ़ घंटे रेल यातायात रहा ठप, रविवार की रात पत्नी से मामूली बात पर हो गई थी कहासुनी, रात में ही घर से निकल गया था जय सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
दबतोरी (बदायूं)। मामूली बात पर पत्नी से कहासुनी होने पर नाराज एक ग्रामीण ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। सोमवार सुबह उसका शव दो हिस्सों में ट्रैक पर पड़ा मिला। उसके बेटे की चार दिन बाद बारात जानी थी। उसकी मौत का पता चलने पर खुशियों भरा माहौल मातम में बदल गया। ट्रैक पर लाश पड़े होने से करीब डेढ़ घंटे तक रेल यातायात ठप रहा। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर निवासी जय सिंह (44) शराब पीने का आदी थी। उसके बड़े बेटे तिलक सिंह की 22 जून को बरेली के थाना सिरौली क्षेत्र के गांव गौरीशंकर की पिपरिया में बारात जानी थी। परिवार में शादी की तैयारियां जोरों पर चल रहीं थीं। परिजनों के मुताबिक रविवार को जय सिंह दुल्हन के कपड़े खरीदकर आंवला से लाए थे। बेटे की शादी की खुशी में उसने रविवार की शाम को शराब पी ली थी। उसकी पत्नी मचला देवी ने समझाते हुए कहा कि बेटे की शादी है। इसलिए शादी होने तक शराब मत पियो। इसी पर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। नाराज जय सिंह रात को घर से चला गया। वह रात भर घर नहीं लौटा।
सोमवार तड़के 05:40 बजे अमृतसर-हावड़ा ट्रेन गुजरी। अनुमान है कि इसी ट्रेन से कटकर जय सिंह ने जान दे दी। उसके शरीर का आधा हिस्सा लाइन के एक तरफ और धड़ दूसरी ओर पड़ा था। सुबह होने पर लोगों ने ट्रैक पर लाश पड़ी देखी। इसी बीच 06:45 बजे आगरा-बरेली पैंसेजर ट्रेन पहुंच गई। इसके कुछ ही देर बाद आगरा कैंट-बरेली पैसेंजर ट्रेन भी आ गई। लाश के ट्रैक पर होने की सूचना आगरा-बरेली पैंसेजर ट्रेन के चालक ने स्टेशन मास्टर को दी। तब आगरा कैंट-बरेली ट्रेन को आसफपुर-दबतोरी के बीच रोक दिया गया। जबकि दूसरी ट्रेन को स्थानीय स्टेशन पर रोका गया। चौकी पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को कब्जे में लिया। इस हादसे की वजह से 06:23 बजे से 07:45 बजे तक रेल यातायात पूरी तरह ठप रहा। खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त जय सिंह के रूप में की।
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... और जयसिंह ने बेटी की रखी कसम
पत्नी से कहासुनी हो जाने के बाद जयसिंह ने खाना भी नहीं खाया। घर के लोग भोजन की थाली लगाकर उसके पास ले गए, लेकिन उसने खाने से इंकार कर दिया। तब उसकी बड़ी बेटी पूनम ने पिता को खाना खाने की कसम दी। बेटी की कसम रखने को उसने दाल तो खा ली लेकिन रोटी एक भी नहीं खाई।
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पहले भी घर से चला गया था जयसिंह
जय सिंह शराब का आदी था। सो अक्सर घर वालों से कहासुनी हो जाती थी। इससे पहले भी वह एक-दो बार रात को घर से चला गया था। तब भी परिवार वालों ने उसे नहीं खोजा। वह खुद ही अगले दिन आ गया। रविवार को जब वह घर से निकला और देर रात तक नहीं लौटा तो परिजन यही मान रहे थे कि वह खुद ही लौट आएगा लेकिन घर पर जो सूचना आई थी। उसने सभी के पैरों तले जमीन खिसका दी। खुशी का माहौल मातम में पसर गया।
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दूसरा बेटा जम्मू में करता है मजदूरी
जय सिंह खेतीबाड़ी करता था। वह शराब जरूर पीता था लेकिन कभी किसी से गलत बात नहीं करता था। परिजनों ने बताया कि जय सिंह का छोटा बेटा जम्मू कश्मीर में मजदूूरी करता है। उसे घटना की जानकारी दे दी गई है। उसके वहां से लौट आने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार होगा।