बदायूं। शुक्रवार को मंडी समिति के सामने ककराला रोड पर दिन भर गहमागहमी रही। दोपहर बाद तो चेयरमैन और सभासद पद प्रत्याशियों के समर्थकों का जोश हिलोरे मार रहा था। उन्होंने कई बार मंडी के मेन गेट तक पहुंचने की जद्दोजहद की तो पैरामिलिट्री फोर्स के रूप में काम कर रही आरएएफ ने उन्हें लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया।
यूं तो काफी संख्या में लोग सुबह नौ बजे से ही मंडी परिसर के बाहर पहुंच गए थे। पुलिस ने ककराला रोड को सुबह से ही ब्लॉक कर दिया था। इस रोड के वाहनों को अलापुर रोड पर ले जाकर आगे से मोड़ा जा रहा था। बैरियर पर आरएएफ तैनात थी। मेन गेट पर भी सिविल पुलिस के सहयोग से आरएएफ ही काम कर रही थी तो अंदर भी इसी प्लाटून के जवानों ने मोर्चा संभाला हुआ था। दोपहर के वक्त जैसे-जैसे चेयरमैन व सभासद पद पर चुने गए लोगों की घोषणा होने लगी, उनके समर्थकों की गर्मजोशी बढ़ती चली गई। विजेताओं के गेट पर आने से पहले उनके समर्थकों को सूचना मिल जाती और समर्थक मेन गेट तक उन्हें लेने आ जाते। इस दौरान फूलमालाएं और हार हाथ में लिए समर्थकों का जोश देखते ही बन रहा था। हालांकि जब वह हुल्लड़ करते तो आरएएफ के जवान उन्हें लाठियां लेकर बाहर तक दौड़ा देते। महिला सीओ के निर्देश पर आरएएफ जवानों ने कई बार दूर तक मार्च करके लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की कि खुराफात करने पर बख्शे नहीं जाओगे। बीच में प्रेक्षक ने भी यहां आकर मतगणना का जायजा लिया। उन्होंने भी अधिकारियों और फोर्स को निर्देश दिए। शाम को दीपमाला गोयल के समर्थकों ने भी जोशोखरोश के साथ अपनी नेता का स्वागत किया। उन्होंने दीपमाला के साथ ही शहर विधायक महेश गुप्ता को फूलमालाएं पहनाकर कंधों पर उठा लिया।
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गौरीशंकर सहस्रधाम में जमी रही भाजपा की मंडली
मंडी परिसर से पहले गौरीशंकर सहस्रधाम में भाजपा का अघोषित कार्यालय खुला हुआ था। लॉन के गेट पर भाजपा के झंडे बैनर लगे थे तो अंदर कुर्सियां डालकर भाजपा के नेता बैठे थे। इनमें शहर विधायक महेश गुप्ता, बृज प्रांत उपाध्यक्ष जेके सक्सेना, जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य आदि कई भाजपाई मौजूद थे।
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सांसद की कोठी में सपाइयों ने की मंत्रणा
चुनाव परिणाम को लेकर जहां भाजपाई सुबह से निश्चिंत और एकजुट दिखाई दे रहे थे, वहीं सपाई खेमा तितर-बितर और निराश दिखा। सपाई किसी एक जगह एकजुट नहीं दिखे। चुनाव परिणाम के बाद ओमवीर यादव, शशांक यादव, निखिल यादव आदि मुरझाए चेहरों के साथ मंडी से निकले और सीधे सांसद धर्मेंद्र यादव की कोठी पहुंच गए। माना जा रहा है कि यहां सपाइयों ने हार की वजह की समीक्षा की।
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अंदर पानी की किल्लत, बाहर हर चीज मौजूद
मतगणना केंद्र में पानी की किल्लत साफतौर पर देखने में आई। लोगों को मजबूरी में पालिका के टैंकर का पानी पीना पड़ा। हालांकि कैंपस के बाहर हर चीज उपलब्ध थी। बीड़ी सिगरेट से लेकर खानपान की हर चीज यहां थी जो चोरी छिपे अंदर ले जाई जा रही थी।