बदायूं। निकाय चुनाव के परिणामों ने सत्तारूढ़ भाजपा के स्थानीय बड़े नेताओं को सोचने को मजबूर कर दिया है। भाजपा को जिले की सात नगर पालिका परिषद में तीन पर विजयश्री हासिल हुई तो नगर पंचायतों में उसका सूपड़ा साफ हो गया। वहीं सपा को जिले में तीन पालिकाओं में जीत हासिल हुई है। एक सीट सहसवान पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। बीएसपी पालिका परिषद में खाता नहीं खोल सकी है। उसे पंचायत में जरूर दो स्थानों पर जीत मिली है।
2019 में देश के अंदर लोकसभा के चुनाव होने हैं सो निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा बेहद गंभीर है। निकाय चुनाव को वह लोकसभा का रिहर्सल मान रही थी। सो पार्टी के कद्दावर नेता भी चुनाव को हल्के से नहीं ले रहे थे। राजनीति के रणनीतिकारों ने विजयी प्रत्याशियों को मैदान में उतारने का मन बना लिया था। सो अन्य पार्टियों की अपेक्षा भाजपा ने सबसे बाद में अपने प्रत्याशियों के नामों का एलान किया। भाजपा ने सभी प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत लगा दी। उसके विधायक अपने-अपने क्षेत्र में जुटे रहे। मगर आज जो नतीजे घोषित हुए उन्होंने जरूर पार्टी के नेताओं को चिंता में डाल दिया है।
नगर पालिका परिषद में भाजपा को बदायूं, दातागंज और बिल्सी की सीट हासिल हुई है, जबकि नगर पंचायत में उसे एक भी स्थान पर जीत नहीं मिली। विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद सपा ने जरूर राहत की सांस ली है। उझानी, बिसौली और ककराला में उसके प्रत्याशी विजयी हुए, जबकि पंचायत में सपा ने रुदायन और सखानू में जीत हासिल की है। सहसवान पालिका सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली। नगर पंचायतों के परिणामों पर नजर डालें तो कछला में कांग्रेस, इस्लामनगर और अलापुर में बीएसपी, मुड़ियां धुरेकी में राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी को जीत मिली है।
नगर पंचायतों में निर्दलीय प्रत्याशियों का पूरी तरह से दबदबा रहा है। जिले की 13 नगर पंचायतों में से सात पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। इनमें फैजगंज बेहटा, सैदपुर, उसहैत, उसावां, वजीरगंज, गुलडिय़ा, कुंवरगांव शामिल हैं।