हवाई साबित हुए 23 अप्रैल तक भुगतान के सरकारी दावे, गन्ना संघ ने मिलों को ब्याज के साथ भुगतान का दिया नोटिस
जिले के गन्ना किसानों का 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान चार चीनी मिलों ने रोक लिया है। सहकारी गन्ना विकास समिति ने इन चीनी मिलों को नोटिस जारी कर किसानों को मय ब्याज के भुगतान को कहा है। भुगतान न करने की दशा में आरसी की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले के गन्ना किसान, गन्ना सहकारी संघ के जरिए छह चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते हैं। इनमें जिले की शेखूपुर, बिसौली की यदु शुगर मिल समेत पड़ोसी जिलों की रजपुरा, न्योली, करीमगंज, फरीदपुर और रूपापुर चीनी मिलें शामिल हैं। सभी मिलों में पेराई 31 मार्च तक बंद हो गई थी। सूबे में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सभी चीनी मिलें 23 अप्रैल तक किसानों को उनके गन्ना का शत प्रतिशत भुगतान कर देंगी। शेखूपुर, बिसौली, न्योगी और करीमगंज चीनी मिलों ने अब तक शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है। हालांकि, रजपुरा, फरीदपुर और रूपापुर मिलों ने किसानों का शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। करीब 38.34 करोड़ का गन्ना खरीदने वाली शेखूपुर मिल पर 16.38 करोड़ और 110.14 करोड़ का गन्ना खरीदने वाली यदु शुगर मिल पर अब भी 20.90 करोड़ रुपये बाकी हैं। करीमगंज चीनी मिल ने 18.75 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था। इस मिल पर भी 3.21 करोड़ रुपये बाकी हैं। सबसे कम 12 लाख रुपये न्योली चीनी मिल पर बाकी हैं।
शेखूपुर मिल को शासन से मदद की दरकार
बदायूं। सहकारी क्षेत्र की शेखूपुर चीनी मिल को शासन से मदद की दरकार है। यह चीनी मिल पहले से ही घाटे में चल रही है। पेराई सत्र में शेखूपुर मिल ने किसानों से 38.34 करोड़ 87 हजार रुपये का गन्ना खरीदा था। चीनी बेचने के बाद इसमें से 21.96 करोड़ का भुगतान कर दिया गया। मिल के पास बाकी का 16.38 करोड़ 87 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए बजट का अभाव है। ऐसे में, शासन से मदद के लिए लिखा गया है। शासन से मदद मिलने के बाद ही शेखूपुर मिल भुगतान कर सकेगी।
भुगतान न करने वाली चार चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं। मय ब्याज के भुगतान कराया जाएगा। जल्द भुगतान न होने की दशा में आरसी की कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। इन मिलों पर किसानों का 40 करोड़ रुपये से ज्यादा बाकी है।
-राम किशन, सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति