तीन साल की कड़ी मेहनत कर अमरूद के पौधों को पेड़ तक ले जाने वाले किसान के 10 बीघा खेत में लगे अमरूद के करीब 360 पेड़ अज्ञात लोगों ने काट डाले। मौके पर पहुंचे किसान ने ये मंजर देखा तो वह बेहोश होकर गिर पड़ा। आसपास के किसानों ने पानी छिड़का तो उसे होश आया। उसकी रोजी रोटी का एकमात्र जरिया समाप्त होने पर किसान और उसके परिवार के सदस्य सदमे में हैं। पुलिस ने मौका मुआयना करके जल्द ही आरोपियों की तलाश करके कार्रवाई का भरोसा दिया है।
कस्बे के रिठौल क्षेत्र में अफसर अली खां पुत्र भूरे खां के 10 बीघा खेत में एक ट्यूबबेल और तीन साल पुराने अमरूद के करीब 360 पेड़ लगे हुए थे। आधी रात में किसी ने रंजिशन पेड़ काट दिए। पीड़ित किसान सुबह अपने खेत में पहुंचे और कटे हुए पेड़ देखकर बेहोश हो गए। आसपास के खेतों पर काम कर रहे किसान और मजदूरों की खेत पर भीड़ लग गई।
लोगों ने बताया कि पीड़ित किसान की रोजी रोटी का सहारा केवल खेतीबाड़ी है। किसान ने अमरूद के इस बाग को तीन वर्षों की कड़ी तपस्या से तैयार किया था। यहां बता दें कि इससे पहले भी वर्ष 2014 में किसान के आधे बाग के पेड़ अज्ञात लोगों ने काट दिए थे। पेड़ छोटे होने की वजह से पीड़ित किसान ने अपना नुकसान बर्दाश्त कर लिया था, लेकिन ये अब किसान की पूरी तीन साल की मेहनत थी। इसकी वजह से किसान के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी गई है।