यहां नहीं कोई पार्किंग...जहां मर्जी, वहां खड़े करो वाहन
बदायूं। शहर को महानगरों की तर्ज पर बसाने की बातें तो की जाती हैं, लंबे-चौड़े वायदे भी किए जाते हैं, लेकिन शहर की तस्वीर को जिसने खराब किया है, शायद उसे किसी ने आज तक गंभीरता से नहीं लिया। तब तक, किसी भी शहर की व्यवस्था सही नहीं हो सकती, जब तक वहां पार्किंग सुविधा बेहतर न हो। लेकिन, ये शब्द बदायूं शहर के लिए उचित नहीं है। यहां पर लोग जहां मर्जी वहां पर अपने वाहन को खड़ा कर देतेे हैं। फिर चाहे जाम लगे या कुछ और हो। लोग अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों से पार्किंग स्थल बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। शहर में पहले से ही दुुकानदारों ने सड़क और नालों पर अतिक्रमण कर रखा है। उन्होंने खुद को दिखाने के चक्कर में अपनी दुकानों को कब सड़क तक पहुंचा दिया, उन्हें खुद पता नहीं चला। अब ऐसे में सड़क पहले की अपेक्षा काफी संकरी हो गई हैं। इस वजह से सड़कों पर बेवजह का जाम लग रहा है, क्योंकि शहर में पार्किंग नहीं होने के कारण खरीदारी करने के लिए पहुंचने वाले लोग, जहां मर्जी होती है वहां अपने वाहनों को खड़ा कर देते हैं और खरीदारी करने के लिए चले जाते हैं। इस दौरान उधर से गुजरने वाले वाहन रास्ता कम होने के कारण जाम में फंस जाते हैं।
-----
सीन एक
गांधी ग्राउंड से छह सड़का को जाने वाले रोड पर इलाहाबाद बैंक के पास सड़क के दोनों ओर दुकानें स्थित हैं। वहीं एक ओर का बाजार सड़क के साथ एक गली के अंदर भी बना हुआ है, इसमें करीब आठ से दस दुकानें हैं। इन दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक सामान मिलता है। इन दुकानों पर खरीदारी करने के लिए लोगों को पैदल ही जाना पड़ता है। ऐसे में ग्राहक और दुकानदार अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देते हैं। इससे वहां पर जाम की स्थिति बन जाती है।
--------
सीन नंबर दो
इंद्राचौक पर टंडन प्लाजा मार्केंट स्थित है। यहां पर सड़क काफी चौड़ी है तो फुटपाथ भी है, लेकिन इन पर ठेलों, खोमचों वालों ने कब्जा कर लिया है। जो लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं मजबूरन वे वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देते हैं। वहीं रोड की दूसरी ओर डॉक्टर की दुकान हैं, वहां पर आने वाले लोग भी वाहनों को सड़क पर खड़ा कर देते हैं। दोनों ओर से वाहन सड़क पर खड़े हो जाते हैं, जो जाम कारण बनते हैं।
---
सीन नंबर तीन
लावेला से शिवमंदिर चौराहे के बीच में एक मॉल है। इस मॉल में खुद की पार्किंग नहीं है, ऐसे में जो भी ग्राहक आते हैं, वो अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देते हैं। इस वजह से इस रोड पर जाम की स्थिति बन जाती है। इससे लोगों आए दिन दिक्कत का सामना करना पड़ता है, कभी कभार तो जाम इस कदर हो जाता है कि पुलिस को भी इसे खुलवाने में हस्तक्षेप करना होता है।
---
क्या कहते हैं लोग
फुटपाथ मुख्य कारण: शहर में अतिक्रमण का प्रमुख कारण शहर में बने फुटपाथ हैं। क्योंकि पहले दुकानदार सिर्फ दुकान तक ही सीमित थे, लेकिन फुटपाथ बनने के कारण खरीदारी करने के लिए आए ग्राहक भी मजबूरन सड़क पर अपने वाहनों को खड़ा कर देते है। इस वजह से वहां पर जाम की स्थिति बन जाती है।
-प्रदीप शर्मा
---
अतिक्रमण हटे: शहर में पहले अस्थायी अतिक्रमण को हटाया जाए। वहीं पार्किंग की सुविधा दी जाए। शहर में पार्किंग स्थल बन जाएगा तो लोग अपने वाहनों को लेकर शहर के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे। ऐसे में जाम की समस्या स्वत: ही खत्म हो जाएगी।
-धीरेंद्र यादव
----
यहां पर हो सकती है पार्किंग की व्यवस्था
गांधी ग्राउंड मैदान के पास, पुराना बस स्टैंड, लावेला चौक के पास।
-------------------
पहले तो लोगों के ही जागरूक होने की जरूरत है। लोगों को ऐसी जगह पर अपना वाहन पार्क करना चाहिए, जिससे दूसरों को परेशानी न हो। वैसे पुलिस अपना अभियान चलाए हुए हैं। जहां पर अव्यवस्थित खड़े वाहन दिखेंगे, उनका चालान किया जाएगा।
- राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी
----
शहर में पार्किंग नहीं होने की वजह से जाम की समस्या बन जाती है। इसको लेकर नगर पालिका की ओर से प्राइवेट बस स्टैंड पर पार्किंग बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बन जाने के बाद समस्या से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।
-दीपमाला गोयल, नगर पालिकाध्यक्ष