सोमवती अमावस्या पर सोमवार को कछला गंगाघाट पर आस्था का सैलाब उमड़ने की उम्मीद के बीच श्रद्धालुओं को भी खुद सजग रहना होगा। नगर पंचायत प्रशासन, राजस्व और पुलिस की ओर से हालांकि सुविधा और सुरक्षा को व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया गया है लेकिन घाट पर गहराई अधिक होने की वजह से जान जोखिम में भी रहेगी। नहाते समय थोड़ी सी चूूक भी घातक साबित हो सकती है।
कछला में गंगाघाट का भूगोल पहले से ही गड़बड़ाया हुआ है। कासगंज वाले छोर से इस ओर मुख्यधारा खिसक आने से करीब आधा किलोमीटर दायरे में दोनों और गहराई अधिक हो गई है। जलस्तर में गहराई की वजह से ही तीन दिन पहले दिल्ली के युवक की डूबने से मौत हो गई थी। चूंकि सोमवती अमावस्या पर राजस्थान समेत कासगंज, बरेली, मथुरा, बदायूं, हाथरस आदि कई जिलों से श्रद्धालु काफी संख्या में पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने की स्थिति में अव्यवस्थाओं का माहौल बनना भी लाजिमी है। ऐसे में श्रद्धालुओं को नहाते समय सोच-समझकर कदम बढ़ाने होंगे। हालांकि नगर पंचायत प्रशासन ने रविवार को गहराई वाले स्थान पर बेरीकेडिंग कराके लाल झंडी भी लगवा दी हैं लेकिन उन्हें नजरंदाज करके आगे बढ़ जाना खतरे से खाली नहीं होगा।
एक दर्जन नावों पर होंगे प्राइवेट गोताखोर
उझानी। गंगाघाट पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ जुटने के मद्देनजर नगर पंचायत अध्यक्ष नरेश पाल यादव ने रविवार को घाट पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर पंचायत और राजस्व कर्मियों से बात की। सफाई भी कराई गई। लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने बताया कि दोनों ओर घाट पर एक दर्जन नावों को लगाया गया है। प्रत्येक नाव पर नाविक के अलावा दो-दो गोताखोर भी रहेंगे। प्राइवेट गोताखोरों को सजग रहने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
पीएसी के साथ रहेगा अतिरिक्त पुलिस फोर्स
उझानी। कोतवाली पुलिस ने भी गंगाघाट पर बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष राजीव कुमार पहुंचे। उन्होंने चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार से उन सभी प्वाइंट के बारे में जानकारी की जो श्रद्धालुओं को परेशानी में डाल सकते हैं। घाट पर कोतवाली के अलावा आसपास थानों का फोर्स भी तैनात रहेगा। पीएसी को भी लगाया गया है। इसके अलावा कछला चौराहे से पुल पार कासगंज जिले की सीमा तक वाहनों को खड़े नहीं होने दिया जाएगा। श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था घाट से दूर की गई है।