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एचपीसीएल आठ सौ करोड़ से बदायूं में लगाएगा इथेनॉल प्लांट

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plant - फोटो : demo
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एचपीसीएल आठ सौ करोड़ से बदायूं में लगाएगा इथेनॉल प्लांट
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दातागंज-म्याऊं रोड पर सैंजनी में प्रशासन देगा सरकारी जमीन 
कानपुर से कंपनी के अधिकारी रवाना, आज डीएम से मिलेंगे 
अमर उजाला ब्यूरो 
बदायूं। 
जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने की नीति के चलते जिला प्रशासन ने दो जगहों का चिह्नीकरण करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इनमें से सैंजनी गांव के पास की जमीन एचपीसीएल को पसंद आ गई है। जमीन का मुआयना करके सहमति जता चुके अधिकारी यहां आठ सौ करोड़ की लागत से बड़ा इथेनॉल प्लांट लगाने के इच्छुक हैं। इसके लिए अवस्थापना आयुक्त से उनका करार भी हुआ है। प्लांट ग्राम समाज की करीब पचास एकड़ जगह में लगाया जाएगा। 
इंवेस्टर्स समिट से पहले ही अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय ने डीएम को पत्र भेजकर बताया था कि समिट में देश के बड़े निवेशक मौजूद होंगे जो बदायूं में उद्योग लगा सकते हैं। किसी बड़े उद्योग के लिए उन्हें जगह मुहैया करानी होगी। बड़े उद्योग लगाने के लिहाज से कम से कम पांच सौ एकड़ भूमि की जरूरत होगी, जिसमें आसपास कम से कम पचास एकड़ जमीन ग्राम समाज की हो। कुछ और मानक भी थे। इनमें संबंधित जगह तक पहुंच के लिए ठीक रास्ते, पानी की उपलब्धता, 220 या 132 केवीए के बिजली सब स्टेशन की नजदीकी, सीवर की निकासी की व्यवस्था, श्रमिकों की उपलब्धता होनी चाहिए। डीएम ने दो जगहों को चिह्नित कर उनके प्रस्ताव शासन को भेजे थे। इनमें दातागंज तहसील में डहरपुर कला से म्याऊं मार्ग पर दस किमी दूर सैंजनी की बंजर भूमि भी थी। 
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एचपीसीएल की टीम को यह भूमि पसंद आ गई है। कंपनी के महाप्रबंधक सुबोत्रो दास व अन्य अधिकारियों की टीम ने इसे फाइनल कर दिया है। कानपुर से बदायूं आ रहे कंपनी के सुपरवाइजर नरेश सिंह ने बताया कि शासन से कंपनी की प्रदेश के पांच जिलों में इथेनॉल प्लांट लगाने के लिए बात हुई थी। इनमें बदायूं, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, हरदोई और संभल शामिल हैं। कहीं वह विजिट नहीं कर सके हैं तो कहीं जिला प्रशासन उन्हें सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं करा सका है। बदायूं उनकी शीर्ष प्राथमिकता वाला जिला है। यहां के डीएम दिनेश कुमार सिंह और उद्योग उपायुक्त वीरेंद्र कुमार का नए उद्योगों के प्रति रवैया काफी सकारात्मक है। डीएम से मिलकर बस यह फाइनल करना है कि जमीन का हस्तांतरण किस तरह किया जा सकेगा। जमीन कंपनी के हैंडओवर आते ही प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। 
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किसानों और बेरोजगारों की खुलेगी लॉटरी 
कंपनी के सुपरवाइजर नरेश सिंह ने बताया कि जिले में इथेनॉल प्लांट लगने से किसानों को सबसे बड़ा फायदा होगा। किसानों के धान के पुआल, बाजरे और मक्का के जड़ वाले हिस्से को कंपनी अच्छे दामों में खरीदेगी। इसी से इथेनॉल बनाया जाएगा। तेल व गैस की अग्रणी कंपनी एचपीसीएल आसपास के गांवों का विकास कराएगी। स्थानीय युवकों को यहां रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। बताया कि कंपनी का एक प्लांट गोरखपुर में चल रहा है जिससे यह सारी सुविधाएं वहां सुचारू हो गई हैं। सबकुछ सही रहा तो बदायूं जिले के लोग भी इसका लाभ उठाएंगे। 
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सरकार भी दे रही है जोर
इथेनॉल शुगर मिल और डिस्टलरी से निकलने वाला अल्कोहलिक अव्यव है, जिसे अब दूसरे तरीकों से भी बनाया जाने लगा है। अब तक संबंधित कंपनियां शुगर मिल से निकलने वाले छोछा को खरीदकर इसे बनाती थीं। इसका बड़ा इस्तेमाल पेट्रोल के विकल्प के रूप में हो रहा है। एक लीटर पेट्रोल में करीब दस फीसदी इथेनॉल मिलाने की अनुमति तो आधिकारिक तौर पर है। भविष्य में इसे और बढ़ाया जा सकता है। दुनिया में सीमित पेट्रो पदार्थों की वजह से आत्मनिर्भरता लाने के लिए सरकार इन दिनों इथेनॉल के प्लांट खोलने पर ज्यादा जोर दे रही है। बदायूं का प्रोजेक्ट भी इसी कवायद का हिस्सा है।
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