बदायूं। बिसौली में मिड-डे मील की खराब तहरी खाने से बीमार हुए बच्चों के मामले की जांच बीएसए पीसी यादव ने तीन सदस्यीय टीम को सौंपी है। जो एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी। तहरी का नमूना जांच को भेजा गया है। साथ ही दातागंज और बिसौली क्षेत्र के स्कूलों को भोजन देने वाली एनजीओ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। यहां बता दें कि बुधवार को बिसौली नगर के एक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल में बच्चों को जो तहरी दी गई थी वह बेहद घटिया थी। उसे खाने के बाद दर्जन भर बच्चे बीमार हो गए। तीन बच्चों की हालत ज्यादा खराब थी। सभी को बिसौैली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया था। इस मामले को लेकर हंगामा हुआ। मामला जिलाधिकारी के साथ ही विभागीय आला अफसरों तक पहुंच गया था। पता हो कि पहली नवंबर से नगर क्षेत्र के स्कूलों को एनजीओ के जरिए एमडीएम भिजवाया जा रहा है। एनजीओ के भोजन की गुणवत्ता को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। बुधवार को ही दातागंज नगर क्षेत्र के सभी स्कूलों ने भोजन नहीं लिया था। इधर, बीएसए प्रेमचंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को बताया कि बिसौली में मिड-डे मील खाने से जो बच्चे बीमार हुए थे। उस मामले की जांच तीन सदस्यीय टीम को सौंपी गई है। टीम में सहसवान के खंड शिक्षाधिकारी अजय कुमार, इस्लामनगर के जगदीश प्रसाद और बिसौली के महेंद्र सिंह को शामिल किया गया है। टीम एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट उन्हें देगी। बीएसए ने बताया कि जिस भोजन को खाने से बच्चे बीमार हुए उसके नमूने को जांच के लिए भेजा गया है। एनजीओ सोलंकी विकास संस्थान और अजीज इस्लामियां समिति से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। दोनों बिसौली और दातागंज क्षेत्र नगर क्षेत्र के स्कूलों को भोजन भिजवाते हैं। बोले कि जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एनजीओ को रोजाना मेन्यू के मुताबिक बच्चों को गुणवत्ता युक्त खाना देने के निर्देश दिए गए हैं।