आंख खुली तो कोहरे की चादर में लिपटाशहर
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बदायूं। बृहस्पतिवार को सुबह लोगों की आंख खुली तो समूचा शहर कोहरे की चादर में लिपटा था। सुबह 10 बजे तक कोहरा काफी रहा, इस कारण वाहन धीमी गति से चले। दोपहर बारह बजे के बाद कोहरा हटा। मगर धूप आम दिनों की तरह नहीं निकली। देहात क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों ने ठंड से बचने को पुआल भी जलाया। शाम को भी ठंडक ने पूरा असर दिखाया। तीन-चार दिन से मौसम में काफी बदलाव आया है। रोजाना कोहरा पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को भी काफी घना कोहरा रहा, जिसकी वजह से सड़कों पर चालक खुद को सुरक्षित करने को वाहनों की लाइट जलाकर चले। कोहरे का असर बाजार पर भी दिखा, लोगों का कहना था कि नवंबर में दिसंबर जैसा मौसम हो गया है। यदि ऐसा ही रहा तो आगे सर्दी ज्यादा पड़ सकती है। कोहरे और ठंड की वजह से रोडवेज और प्राइवेट बसों में आज भी यात्रियों की संख्या कम रही।
सावधान! कही यह मौसम बीमार न कर दे
बदायूं। मौसम लगातार बदल रहा है। यदि किसी तरह की लापरवाही बरती तो सेहत खराब हो सकती है। खासकर बच्चों के प्रति सावधानी बरतनी होगी। इस मौसम में सामान्य बीमारियां भी अपने डैने फैलाने लगीं हैं। सो सरकारी अस्पतालों के साथ निजी डॉक्टरों के यहां भी मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
तीन-चार दिन से मौसम में काफी बदलाव आया है। कोहरे के साथ ही ठंडक भी बढ़ गई है। अचानक बदले मौसम के कारण सामान्य बीमारियां भी तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहीं हैं। जिला पुरुष और महिला अस्पताल के आंकड़े बताते हैं कि जब से सर्दी पड़नी शुरू हुई है तब से बच्चे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.राजीव रोहतगी कहते हैं कि इस मौसम में बच्चों को बचाकर रखना होगा। उन्हें गर्म कपड़े पहनाएं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.शरद गुप्ता ने कहा कि इस मौसम में हर माता-पिता को बच्चों के प्रति सावधानी बरतनी होगी। नहीं तो बच्चे सर्दी, बुखार, खांसी आदि की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि ठंडी चीजें न खाएं। पूरे शरीर को ढकने वाले गर्म कपड़े बच्चों को पहनाएं।